
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से पहले राजनीति शुरू हो गई है. मंदिर को लेकर जहां कभी बीजेपी एक ओर रहती थी तो समूचा विपक्ष एकतरफ. लेकिन अब परिस्थिति बदल चुकी है. विपक्षी पार्टियां एक दूसरे पर ही निशाना साध रही हैं. इसमें AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन औवैसी सबसे पहले हैं. वह कांग्रेस पर हमलावर हैं. उन्होंने शुक्रवार को पूर्व सीएम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ पर निशाना साधा है.
दरअसल, कमलनाथ ने ट्वीट कर राम मंदिर निर्माण का स्वागत किया. कमलनाथ के ट्वीट का जवाब देते हुए ओवैसी ने कहा कि दिल की बात जुबां पर आ ही गई. हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने कहा कि कमलनाथ आपको यहीं नहीं रुकना चाहिए. मेरा सुझाव है कि अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए कांग्रेस के हर दफ्तर से मिट्टी जानी चाहिए.
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बता दें कि कमलनाथ ने ट्वीट किया था कि मैं अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का स्वागत करता हूं. देशवासियों को इसकी बहुत दिनों से अपेक्षा और आकांक्षा थी. उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण हर भारतवासी की सहमति से हो रहा है, ये सिर्फ़ भारत में ही संभव है.
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बता दें कि ये कोई पहली बार नहीं है ओवैसी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद गिराने में कांग्रेस की भी भूमिका थी. कांग्रेस दफ्तरों से भी राम मंदिर के लिए मिट्टी भेजनी चाहिए.
ओवैसी ने पीएम मोदी के भूमिपूजन कार्यक्रम में शिरकत करने पर भी सवाल उठाए थे. सांसद ओवैसी ने कहा कि संविधान के लिए मैं आवाज उठाता हूं और उठाता रहूंगा. सरकार संविधान की धज्जियां उड़ा रही है. कार्यक्रम में नरेंद्र मोदी का शामिल होना प्रधानमंत्री की संवैधानिक शपथ का उल्लंघन होगा.
बता दें कि अयोध्या में 5 अगस्त को राम मंदिर के लिए भूमिपूजन का कार्यक्रम होना है. भूमिपूजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे. इस कार्यक्रम में करीब 200 लोग शामिल होंगे.