
दिल्ली का द्वारका इलाका बुधवार की शाम अचानक गोलियों की आवाज से गूंज उठा. हमलावरों के निशाने पर थी एक वैगन आर कार, जिसमें सवार था सिवान का रहने वाला फ़िरोज़ खान. उसे निशाना बनाकर चार गोली मारी गई. जिसके चलते फिरोज को अस्पताल ले जाया गया, मगर वहां उसने दम तोड़ दिया.
इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, मौका-ए-वारदात से कुछ ही दूर फ़िरोज़ के कातिल भी पकड़े गए. पुलिस के मुताबिक, शाम 6 बजे जानकारी मिली कि द्वारका सेक्टर 23 की रेडलाइट पर एक शख्स को रोडरेज में गोली मारी गई है. पुलिस टीम अभी मौके पर पहुंची भी नहीं थी कि वहां से कुछ दूर बेरिकेटिंग पर पुलिस ने 2 लड़कों को बिना हेलमेट भागते हुए पकड़ लिया. उनके पास से 2 पिस्तौल भी बरामद हुई.
पूछताछ में पता चला कि ये दोनों वही हमलावर हैं, जिन्होंने सेक्टर 23 की रेड लाइट पर फिरोज खान नाम के शख्स को गोलियों से भूना था. जबकि, इनका तीसरा साथी वहां से फरार हो गया. पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की तो पता चला कि शूटआउट में मारे गए फिरोज पर भी सिवान में कई मुकदमे दर्ज हैं.
पुलिस के मुताबिक फिरोज की हत्या भी सुपारी किलिंग का नतीजा है. फिरोज की सुपारी उसके जानी दुश्मन रईस खान ने दी थी, जो इन दिनों जेल में सजा काट रहा है. फिरोज और रईस दोनों सिवान के कुख्यात गैंगस्टर हैं. दोनों के बीच कई सालों से दुश्मनी चली आ रही है. जिसके चलते रईस कई बार फिरोज की हत्या की साजिश रच चुका था.
लेकिन, कुछ साल पहले फिरोज बिहार से दिल्ली आ गया. जिसके बाद रईस ने अपने खास गुर्गे संजय के जरिये इन दोनों शार्प शूटर्स साबिर हुसैन और अमजद अली को दिल्ली भेजा. दोनों को फिरोज की हत्या के बाद एक-एक लाख रुपये की सुपारी देना तय हुआ था.
संजय 2 दिन पहले शूटर्स को लेकर दिल्ली आया था. दोनों को महिपालपुर के एक होटल में ठहराया गया. रेकी के बाद फिरोज खान को गोली मारी गई. जिस वक्त गोली मारी गई, तब संजय भी वहां मौजूद था. बाकी दोनों हमलावर बाइक पर सवार थे. वारदात के बाद संजय फिरोज की कार लेकर मौके से फरार हो गया जबकि दोनों शूटर अरेस्ट हो गए. बाद में एक सुनसान इलाके से फिरोज की कार भी बरामद हो गई.