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BJP में अमर सिंह सीधे नहीं, बैक डोर से कर सकते हैं एंट्री, क्या मुलायम के खिलाफ उतरेंगे?

सपा के पूर्व नेता अमर सिंह पर इन दिनों भगवा रंग चढ़ा हुआ है. मुलायम के मोह को त्यागकर पीएम मोदी के फैन बन गए हैं. अमर सिंह बीजेपी के सहयोगी ओम प्रकाश राजभर की पार्टी के सहारे एंट्री करना चाहते हैं.

अमर सिंह अमर सिंह
कुबूल अहमद/कुमार अभिषेक
  • नई दिल्ली,
  • 01 अगस्त 2018,
  • अपडेटेड 1:21 PM IST

सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के कभी चहेते रहे अमर सिंह अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैन बन गए हैं. बीजेपी में जाने को अमर सिंह इन दिनों व्याकुल दिख रहे हैं, लेकिन सीधे एंट्री नहीं मिलता देख अब वो बैक डोर से शामिल होने के फिराक में हैं

अमर सिंह 2019 के लोकसभा चुनाव में मोदी के लिए काम करने का ऐलान कर चुके हैं.  इतना ही नहीं वे अपने गृह जनपद और मुलायम सिंह के संसदीय सीट आजमगढ़ से चुनावी मैदान से उतर सकते हैं.  

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उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने 2019 के लोकसभा चुनाव में अमर सिंह को आजमगढ़ सीट से प्रत्याशी बनाए जाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि अगर आजमगढ़ सीट मेरी पार्टी के हिस्से में आई तो हमारे प्रत्याशी अमर सिंह होंगे.

बता दें कि 2014 में आजमगढ़ संसदीय सीट से बीजेपी से रामकांत यादव मैदान में उतरे थे. उन्होंने मुलायम सिंह यादव को कांटे की टक्कर दी थी. लेकिन यूपी में योगी के सत्ता में आने के बाद से लगातार सरकार के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं. पिछले दिनों उनके बीजेपी छोड़ने की चर्चा थी.

ओम प्रकाश राजभर की पेशकश के बाद माना जा रहा है कि बीजेपी आजमगढ़ संसदीय सीट पर जीत का परचम लहराने के लिए अमर सिंह का दांव चल सकती है. ऐसे में बीजेपी अमर सिंह को सीधे उतारने के बजाय सहयोगी दल के कंधों का सहारा ले सकती है. ऐसे में ओम प्रकाश राजभर की पार्टी बीजेपी के लिए ट्रंप कार्ड साबित हो सकती है.

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आजमगढ़ लोकसभा क्षेत्र में राजभर मतदाताओं की संख्या अच्छी खासी है. ऐसे में बीजेपी अपने मूल वोटबैंक के साथ-साथ राजपूत और राजभर मतों को एकजुट करने की योजना का फायदा उठा सकती है.

अमर सिंह मूलरूप से आजमगढ़ से हैं और उनके कई करीबी नेता बीजेपी का दामन थाम चुके हैं. आजमगढ़ में उनका अच्छा खासा जनाधार है खासकर राजपूत समुदाय में. ऐसे में उनके इस सीट से मैदान में उतरने से मुकाबला काफी दिलचस्प हो सकता है.

दरअसल अमर सिंह पिछले महीने 22 जून को ओम प्रकाश राजभर के पुत्र अरविंद राजभर की शादी में वर-बधू को आशीर्वाद देने पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने राजभर को भी बीजेपी से तल्खी पर घर का झगड़ा घर में ही रखने की नसीहत दी थी.

बता दें कि सपा से निकाले जाने से बाद से अमर सिंह पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का भगवा रंग चढ़ने लगा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियां भी उन्हें पसंद आ रही है.

अमर सिंह रविवार को लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में मौजूद थे. अमर सिंह इस कार्यक्रम में भगवा रंग का कुर्ता पहने पहली लाइन में बैठे थे. मोदी ने अमर सिंह की तरफ इशारा करते हुए कहा कि यहां अमर सिंह बैठे हैं, वे सबकी हिस्ट्री निकाल देंगे.

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अमर सिंह ने कहा था, 'मोदीजी हमें अच्छे लगते हैं. मैं बीजेपी की सदस्यता लूं या नहीं, लेकिन मोदी के लिए काम करता रहूंगा.'  अमर सिंह ने कहा कि मोदीजी का चरित्र ऐसा है कि जिसके साथ वे संबंध रखते हैं. मर्द की तरह रखते हैं. वे छोटा-बड़ा नहीं देखते हैं.

अमर सिंह की यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ भी नजदीकियां देखने को मिल रही हैं. अमर सिंह और योगी के बीच कई मुलाकातें हो चुकी हैं. ऐसे में 2019 से पहले बीजेपी के खेमे में आने की अटकलें तेज हैं और देखना होगा कि अमर सिंह का अगला सियासी कदम क्या होगा?

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