
पुणे महानगरपालिका में स्वीकृत सदस्य की नियुक्ति को लेकर नाराज बीजेपी कार्यकर्ताओं में मंगलवार शाम को तीखी बहस और हाथापाई हुई. बात इस हद तक पहुंची की गुस्साए बीजेपी कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका सभागृह नेता श्रीनाथ भिमाले के दफ्तर में तोड़फोड़ कर डाली.
आपको बता दें कि पुणे महानगर पालिका के इतिहास में पहली बार बीजेपी पार्टी को पूरा बहुमत हासिल हुआ है. नगर पालिका में बीजेपी पार्टी के 97 नगरसेवक होने से बीजेपी पार्टी पांच स्वीकृत सदस्यों में से तीन सदस्य नियुक्त कर सकती है. तीनों जगह के लिए बीजेपी कार्यकर्ताओं में होड़ लगी हुई थी. अपना निवेदन देने के लिए पुणे नगरपालिका में बीजेपी के दफ्तर में भीड़ लग गई थी. बीजेपी युवा मोर्चा के अध्यक्ष गणेश घोष को मुख्य दावेदार माना जा रहा था. लेकिन, अंतिम समय में गणेश घोष के नाम के बजाय गणेश बिडकर का नाम लिया गया. गणेश बिडकर के अलावा गोपाल चिंतल और रघुनाथ गौडा को भी उम्मीदवार बनाया गया.
दरअसल, गणेश घोष जिनके नाम के चर्चे पार्टी में हो रहे थे, की जगह गणेश बिडकर का नाम तीन उम्मीदवारों की सूची में लिया गया. ये देखकर गणेश घोष ने बीजेपी के कार्यालय में घुसकर हंगामा खड़ा कर दिया. हंगामे के दौरान दफ्तर में तोड़फोड़ भी हो गई जिसमें टेबल का कांच टूट गया.
गणेश घोष और अन्य इच्छुक सदस्यों ने चुनाव को लेकर पालिका ने सभागृह नेता श्रीनाथ भिमाले के दफ्तर में भी तोड़फोड़ की. इस घटना पर बीजेपी पार्टी की एक लीडर और पुणे महापालिका की महापौर मुक्ता टिळक यांनाही ने खेद व्यक्त किया. ये घटना बीजेपी कैडर को शोभा नहीं देती ये बात भी उन्होंने स्वीकार किया और कहा कि जो नुकसान हुआ उसका खर्चा बीजेपी पार्टी खुद उठाएगी.