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ब्रिटेन ने सीरिया में ISIS पर हवाई हमले शुरू किए, अटैक के लिए संसद में कराई गई वोटिंग

हमले को सीरिया तक विस्तार देने का फैसला सदन में साढ़े दस घंटे तक चली बहस के बाद लिया गया. इस बहस में प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा कि ब्रिटेन को आतंकियों के गढ़ में ही उन पर हमला बोल देना चाहिए, न कि वापस बैठकर उनके द्वारा हम पर हमला बोले जाने का इंतजार करना चाहिए.

लव रघुवंशी
  • अक्रोतिरी (साइप्रस) ,
  • 03 दिसंबर 2015,
  • अपडेटेड 2:42 PM IST

इस्लामिक स्टेट के ठिकानों पर हवाई हमलों की मंजूरी के लिए ब्रितानी संसद में मतदान के कुछ ही घंटे बाद ब्रिटेन के लड़ाकू विमानों ने गुरुवार तड़के सीरिया पर हवाई हमले शुरू कर दिए.

हाउस ऑफ कॉमन्स में 397-223 के अंतर से हुए मतदान के कुछ ही समय बाद साइप्रस के अक्रोतिरी स्थित ब्रितानी एयरबेस से रॉयल एयरफोर्स के चार टोरनैडो युद्धक विमानों ने उड़ान भरी.

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साढ़े दस घंटे चली बहस
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि विमानों ने सीरिया में हमले किए और उनके द्वारा निशाना बनाए गए ठिकानों की जानकारी गुरूवार को उपलब्ध कराई जाएगी. रॉयल एयरफोर्स वर्ष 2014 के बाद से इराक में आईएस के ठिकानों पर हमले करती आई है.

इस अभियान को सीरिया तक विस्तार देने का फैसला सदन में साढ़े दस घंटे तक चली बहस के बाद लिया गया. इस बहस में प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा कि ब्रिटेन को आतंकियों के गढ़ में ही उन पर हमला बोल देना चाहिए, न कि वापस बैठकर उनके द्वारा हम पर हमला बोले जाने का इंतजार करना चाहिए.

कैमरन ने कहा देश को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी
कैमरन ने हाउस ऑफ कॉमन्स में हुई बहस के दौरान सांसदों से कहा, ‘‘सदन के समक्ष सवाल यह है कि किस तरह से ब्रितानी लोगों को आईएसआईएस के खतरे से सुरक्षित रखा जाए. यह इस बारे में नहीं है कि हम आतंकवाद से लड़ना चाहते हैं या नहीं, यह इस बारे में है कि हम इसे कितने बेहतर ढंग से अंजाम देते हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें हमारे सहयोगियों के आह्वान का जवाब देना चाहिए. जिस कार्रवाई का हम प्रस्ताव रख रहे हैं, वह कानूनी है, जरूरी है और हमारे देश को सुरक्षित रखने के लिए यह सही चीज है.’’

कंजर्वेटिव पार्टी के नेता को विपक्षी लेबर सांसदों ने बार-बार उनकी टिप्पणियों के लिए माफी मांगने के लिए कहा. ये कथित टिप्पणियां उन्होंने साथी कंजर्वेटिव सांसदों पर मंगलवार को की थीं. उन्होंने सांसदों से कहा था कि वे ‘‘आतंकवाद के समर्थकों’’ के पक्ष में मत न डालें.

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