
बीजेपी के खिलाफ विपक्षी एकजुटता में नेतृत्व के सवाल को लेकर चल रही बहस के बीच बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि केंद्र में मजबूत नहीं, मजबूर सरकार होनी चाहिए.
2019 लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष लामबंद होकर बीजेपी को परास्त करना चाहता है. लेकिन गठबंधन की इस राह में हर दिन नए रोड़े आते जा रहे हैं. कांग्रेस वर्किंग कमेटी में गठबंधन के नेतृत्व पर राहुल गांधी का नाम आने के बाद आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने दूसरे विकल्पों का भी जिक्र कर दिया है. जिसके बाद मायावती ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया वह गठबंधन उसी स्थिति में करेंगी जब उनकी पार्टी को सम्मानजनक सीटें दी जाएं.
दिल्ली दौरे पर आईं मायावती ने केंद्र में पूर्ण बहुमत की सरकार चला रहे मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि आज कांशीराम की यह बात बड़ी सटीक बैठती है कि केंद्र में मजबूत नहीं मजबूर सरकार होनी चाहिए. क्योंकि गठबंधन की सरकार पर ज्यादा दबाव होता है और जिम्मेदारी भी अधिक होती है.
गठबंधन पर क्या बोलीं मायावती
2014 के लोकसभा चुनाव में एक भी सीट न जीतने वाली और 2017 यूपी विधानसभा चुनाव में बुरी तरह परास्त होने वाली बसपा सुप्रीमो आगामी चुनाव में अपने हिस्से को लेकर अडिग नजर आ रही हैं. उन्होंने कहा है कि जहां तक गठबंधन का मसला है तो हम यह तभी करेगें जब हमें सम्मानजनक सीटें मिलेंगी. मायावती ने कहा कि छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में हमारी पार्टी अपने बूते पर चुनाव लड़ने में समर्थ है और हम तभी समर्थन करेंगे जब हमें इन राज्यों में कांग्रेस सम्मानजनक सीटें देने को तैयार होगी.