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बड़गाम फायरिंग: सेना ने मानी गलती

जम्मू-कश्मीर के बड़गाम जिले में हुई फायरिंग की उस घटना पर थलसेना ने अपनी गलती मान ली जिसमें दो नौजवानों की मौत हो गई थी.

लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुडा लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुडा
aajtak.in
  • श्रीनगर,
  • 08 नवंबर 2014,
  • अपडेटेड 12:49 AM IST

जम्मू-कश्मीर के बड़गाम जिले में हुई फायरिंग की उस घटना पर थलसेना ने अपनी गलती मान ली जिसमें दो नौजवानों की मौत हो गई थी. थलसेना ने कहा कि इस मामले की जांच कुछ दिनों में पूरी कर ली जाएगी और नियमों को तोड़ने का कसूरवार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. थलसेना के उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल डी एस हुड्डा ने कहा, ‘मैं यह स्पष्ट कर दूं कि (बड़गाम के छत्तरगाम में) जो कुछ हुआ, हम उसकी जिम्मेदारी लेते हैं.’ चेकपोस्‍ट तोड़ भाग रही थी कार, दो मरे

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सोमवार को हुई घटना की तरफ इशारा करते हुए थलसेना के इस वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जमीनी स्तर पर काम करते वक्त गलतियां होती हैं, ‘और हर बार सबक मिलते हैं. हमारी इच्छा है कि प्रक्रियाएं तय हों ताकि ऐसी घटनाएं न हों.’ उन्होंने कहा कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और इसे तेजी से पूरा किया जाएगा.

हुड्डा ने कहा, ‘घटना के अगले ही दिन जांच शुरू हो गई. अब तक 15 ऐसे आम लोगों के बयान लिए जा चुके हैं जो घटना के गवाह हैं. सेना के गवाहों से भी पूछताछ हुई है.’

उन्होंने कहा, ‘मैं यहां कर किसी को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि सच्चाई के उच्चतम मानकों एवं पारदर्शिता के उच्चतम मानकों का पालन किया जाएगा. हम चाह रहे हैं कि जांच जल्द से जल्द पूरी हो और इसमें महीनों का वक्त न लगे. उम्मीद है कि यदि सब कुछ ठीक रहा और सभी गवाह आए तो हम अगले 10 दिनों में जांच पूरी कर लेंगे.’

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लेफ्टिनेंट जनरल हुड्डा ने कहा कि रक्षा मंत्रालय ने दोनों मृतकों के परिजन को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है. इस घटना में घायल हुए दोनों युवकों को भी पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की गई है.

बीते तीन नवंबर को बड़गाम जिले के छत्तरगाम में सैन्यकर्मियों की फायरिंग में दो युवकों की मौत हो गई थी जबकि दो अन्य जख्मी हुए थे. गोली उस वक्त गोली चलाई गई थी जब युवकों ने जांच चौकी पर अपनी गाड़ी नहीं रोकी थी.

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