
केंद्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कई शहरों में ठिकानों पर शनिवार सुबह छापा मारा. ये छापेमारी मानेसर प्लॉट आवंटन के केस में की गई. हुड्डा के रोहतक, दिल्ली, मानेसर, चंडीगढ़ स्थित ठिकानों पर छापेमारी की गई.
20 जगहों पर एक साथ छापेमारी
सीबीआई के अधिकारियों की टीम ने सुबह से ही छापेमारी शुरू कर दी थी. हुड्डा के रोहतक आवास पर सीबीआई की रेड में करीब दर्जन से ज्यादा सीबीआई के अधिकारी शामिल थे. रोहतक, दिल्ली, पंचकुला, मानेसर, गुड़गांव और चंडीगढ समेत बीस जगहों पर सीबीआई की एक साथ छापे पड़े.
कई अधिकारियों के यहां भी छापे
सीबीआई की टीमों ने मानेसर प्लॉट आवंटन केस में हुड्डा के करीबी रहे अधिकारियों के ठिकानों पर भी छापेमारी की है. CBI ने हुड्डा के घर समेत दो पूर्व आईएएस अधिकारियों- तत्कालीन प्रधान सचिव एमएल तयाल और यूपीएसएसी के सदस्य छत्तर सिंह के अलावा वर्तमान आईएएस अधिकारी एसएस ढिल्लन के परिसर की भी तलाशी ली है.
2015 में दर्ज किया गया था केस
सितम्बर 2015 में सीबीआई ने हुड्डा के खिलाफ मानेसर प्लांट के लिये जमीन की धांधली में केस दर्ज किया था. रेड अभी भी चल रही है.
क्या है पूरा मामला?
हुड्डा सरकार के समय मानेसर के तीन गांवों की करीब 400 एकड़ जमीन अधिग्रहण के बाद बिल्डरों को बेच दी थी, जिसके बाद अधिग्रहण में धांधली का आरोप लगने के बाद सितंबर 2015 में अज्ञात ऑफिसर व अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया. जमीन अधिग्रहण की पूरी प्रकिया पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में की गई थी. पहले गुड़गांव पुलिस ने दर्ज किया था मामला बाद में सरकार ने सीबीआई को केस सौंप दिया था.
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