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जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने के करीब पहुंची बीजेपी ने कश्मीरी पंडितों को किया अपना वादा निभा दिया है. बीजेपी ने कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास के लिए 500 करोड़ का पैकेज देने का इंतजाम किया है.
गौरतलब है कि कश्मीरी पंडितों को 90 के दशक में आतंकवाद के कारण घाटी से भागना पड़ा था. बीजेपी ने राज्य में चुनावी एजेंडे में पुनर्वास पैकेज की बात जोर-शोर से उठाई थी. इस पैकेज के तहत पंडितों को नौकरी, घर और आर्थिक मदद भी की जाएगी. इस पैकेज के अंतर्गत 6000 विस्थापितों को तृतीय श्रेणी की नौकरी दी जाएगी. श्रीनगर के करीब 20 एकड़ जमीन भी चिन्हित की गई है जहां 1000 फ्लैट्स बनाए जाएंगे. इसके अलावा जो परिवार अपने टूटे हुए घरों का निर्माण कराना चाहते हैं उन्हें 10 लाख की आर्थिक मदद की जाएगी.
केंद्र सरकार की नौकरियों में भी विस्थापितों के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार परीक्षा का आयोजन कराएगी. इन नौकरियों में सफल अभ्यर्थी के लिए जम्मू-कश्मीर में रहने के लिए सरकारी बंगले की व्यवस्था भी की जाएगी. केंद्र सरकार इस पैकेज में जम्मू-कश्मीर सरकार के सुझावों को भी शामिल करेगी. फिलहाल लगभग 60,452 कश्मीरी विस्थापितों का रिकॉर्ड राज्य सरकार के पास है. इनमें से 38,119 जम्मू में रहते हैं और 19,338 विस्थापित दिल्ली में हैं और 1,995 अन्य राज्यों में.
गौरतलब है कि लगभग तीन चौथाई कश्मीरी पंडित जो वोटर के तौर पर रजिस्टर्ड हैं उन्होंने चुनावों से दूरी बनाए रखी. निश्चित तौर पर बीजेपी को इसका नुकसान उठाना पड़ा.इससे पूर्व 2008 में यूपीए सरकार ने कश्मीरी विस्थापितों के लिए वापसी और पुनर्वास पैकेज की घोषणा की थी. इसमें अपने टूटे मकानों के पुनर्निमाण के लिए 7.5 लाख रुपये प्रति व्यक्ति देने की भी घोषणा की थी. हालांकि इस पैकेज के बाद भी कश्मीरी पंडितों की वापसी नहीं हो पाई.