
झारखंड के आदिवासी छात्र संघ ने सोमवार को रांची कॉलेज के मेन गेट पर ताला जड़ दिया. छात्रों ने यहां टायर जलाकर आगजनी की. छात्र संघ के लोग रांची कॉलेज का नाम बदलने का विरोध कर रहे हैं. छात्रों के इस उत्पात को देखते हुए रांची पुलिस ने भारी संख्या में पुलिस फोर्स को मौके पर तैनात कर दिया. कॉलेज के चारों ओर बैरिकेडिंग कर दी गई.
छात्र संघ का कहना है कि रांची कॉलेज का नाम बदलकर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी किया जा रहा है, लेकिन ऐसा करने से पहले किसी का राय तक राज्य सरकार ने नहीं ली. इस मौके पर आदिवासी छात्र-छात्राओं ने यहां सीएम रघुवर दास का पुतला भी फूंका. विरोध में जमकर नारेबाजी की.
सरकार का फैसला
दरअसल रघुवर दास ने ये ऐलान किया है की झारखंड का सबसे पुराना और प्रतिष्ठित रांची कॉलेज अब डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी के नाम से जाना जाएगा. इस बाबत राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने एक प्रस्ताव राज्यपाल सह
कुलाधिपति द्रौपदी मुर्मू के पास भेजा था, जिसे राज्यपाल की मंजूरी मिल गयी है.
इस प्रस्ताव में विभाग ने रांची कॉलेज को डॉ. श्याम प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी बनाने की सिफारिश की थी. गौरतलब है कि रांची कॉलेज को यूनिवर्सिटी का दर्जा देने से संबंधित प्रस्ताव विधानसभा में पहले ही पास हो चुका है.
राजभवन के मुताबिक झारखंड राज्य विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक-2017 के तहत रांची कॉलेज को यूनिवर्सिटी का दर्जा दिया जा रहा है. रांची यूनिवर्सिटी के अधीन रांची कॉलेज पहला ऐसा कॉलेज है, जिसे स्टेट यूनिवर्सिटी का दर्जा मिला है. इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए रांची कॉलेज के नाम से 110 एकड़ जमीन है, जिस पर अब डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी का निर्माण होगा. इसके लिए फिलहाल 55 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं.