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...जब आदिवासियों के साथ थिरके शिवराज सिंह चौहान

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को आदिवासियों क बीच उनके साथ थिरक कर सबको चौंका दिया. दरअसल मौका था अमरकंटक में नर्मदा सेवा यात्रा की शुरुआत का.

शिवराज सिंह चौहान शिवराज सिंह चौहान
रवीश पाल सिंह
  • अमरकंटक,
  • 11 दिसंबर 2016,
  • अपडेटेड 6:55 PM IST

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को आदिवासियों क बीच उनके साथ थिरक कर सबको चौंका दिया. दरअसल मौका था अमरकंटक में नर्मदा सेवा यात्रा की शुरुआत का. रविवार से नमामि देवी नर्मदे सेवा यात्रा की शुरुआत हो गई. सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इसकी शुरुआत अमरकंटक से की. इस यात्रा में नर्मदा नदी की परिक्रमा की जाएगी जो 11 मई 2017 तक चलेगी.

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इस यात्रा में नर्मदा नदी के किनारे पेड़ लगाए जाएंगे तो वहीं नर्मदा किनारे सफाई पर भी जोर दिया जाएगा, ताकि मध्य प्रदेश की जीवनरेखा कहे जाने वाली नर्मदा का संरक्षण किया जा सके. इसी सेवा यात्रा में खुद सीएम शिवराज सिंह चौहान हर हफ्ते शिरकत करेंगे और पहले ही दिन जब उदघाटन के दौरान आदिवासियों को नृत्य करते देखा तो खुद को रोक नहीं पाए और आदिवासियों के बीच पहुंच गए और नृत्य किया.

नर्मदा सेवा यात्रा की शुरुआत अमरकंटक से हुई जहां खुद शिवराज सिंह चौहान के साथ गुजरात के सीएम विजय रुपाणी भी मौजूद थे. नर्मदा सेवा यात्रा की शुरुआत अमरकंटक में नर्मदा नदी की पूजा-अर्चना से हुई. इसके बाद नदी को खुद सीएम शिवराज ने चुनर चढ़ाई. इस दौरान उनके साथ कई साधू-संत भी मौजूद थे. चुनर चढ़ाने और पूजा के बाद भव्य कलश यात्रा निकाली गई जिसकी अगुवाई भी खुद सीएम शिवराज सिंह चौहान ने की. कलश यात्रा अमरकंटक में नर्मदा के घाटों से होती हई नदी की परिक्रमा के लिए आगे चली गई. नर्मदा सेवा यात्रा में नर्मदा नदी की पूरी परिक्रिमा की जाएगी.

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लगभग 150 दिनों तक चलने के बाद यात्रा का समापन 11 मई 2017 को होगा. इस यात्रा में नर्मदा नदी के किनारे पेड़ लगाए जाएंगे तो वहीं नर्मदा किनारे सफाई पर भी जोर दिया जाएगा ताकि मध्यप्रदेश की जीवनरेखा कहे जाने वाली नर्मदा का संरक्षण किया ज सके. इसी सेवा यात्रा में खुद सीएम शिवराज सिंह चौहान हर हफ्ते शिरकत करेंगे. पूरे अभियान के दौरान हर रोज नर्मदा सेवा यात्रा के मार्ग में पौधारोपण होगा और इस दौरान नर्मदा में मिलने वाले नालों को नर्मदा से अलग किया जाएगा. जहां मुमकिन होगा वहां किसानों को नर्मदा किनारे फलदार पेड़ लगाने के लिए जागरुक किया जाएगा ताकि नर्मदा के किनारों को खूबसूरत बनाया जा सके.

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