
ऑपरेशन आईएनएस जलश्व मालदीव में फंसे 698 भारतीय लोगों को लेकर स्वदेश लौट रहा है. आईएनएस जलश्व के जरिए 698 लोगों को सुरक्षित लाया जा रहा है जिसमें 595 पुरुष और 103 महिलाएं शामिल हैं. इन 103 महिलाओं में 19 महिलाएं गर्भवती हैं.
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आईएनएस जलश्व ने मालदीव की राजधानी माले में फंसे 698 भारतीय नागरिकों को वापस लाने का काम शुरू कर दिया है. भारतीय नौसेना के अनुसार, मालदीव से वापस लाए जा रहे भारतीय नागरिकों में 19 गर्भवती महिलाएं भी हैं.
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सूत्रों का कहना है कि आईएनएस जलश्व और आईएनएस मगर को मालदीव में फंसे 1,800 से 2,000 भारतीय लोगों को सुरक्षित स्वदेश लाने के ऑपरेशन में लगाया गया है. इसके जरिेए 4 यात्राएं की जाएंगी जिसमें 2 कोच्चि से और 2 तूतीकोरिन से होंगी.
सूत्र बताते हैं कि मालदीव से लाने के लिए प्राथमिकता तय कर दी गई है. सबसे पहले चिकित्सा से जुड़े मामले, वरिष्ठ नागरिकों, परिवार की आपात स्थिति और बेरोजगार लोगों को भारत लाया जाएगा.
इसके अलावा वायुमार्ग से भी लोगों को लाया जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, प्रवासियों को लेकर 12 देशों से फ्लाइट्स आ रही हैं और अगले एक हफ्ते में देश के 14 शहरों में 64 फ्लाइट्स लैंड करेंगी. ये फ्लाइट्स छोटे एयरपोर्ट्स पर भी लैंड करेंगे और इस बात का ख्याल रखा जाएगा कि लोग अपने घर के करीब जगह पर उतरें.
सूत्रों के अनुसार, अब तक 4 विशेष प्रत्यावर्तन उड़ान देश में लैंड कर चुके है. दुबई से 2 जहाज आए, जिसमें 181 और 182 यात्री सवार थे. जबकि सिंगापुर से 234 यात्रियों से भरा विमान और जम्मू-कश्मीर के 168 छात्रों को लेकर विमान ढाका से भारत पहुंचा.
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सूत्रों के अनुसार खाड़ी देशों से 27 उड़ानें, संयुक्त अरब अमीरात से 11, पड़ोसी देश बांग्लादेश से 7, दक्षिण-पूर्व एशिया से 14, अमेरिका के 4 हवाई अड्डों से 7 उड़ानें और लंदन से 7 उड़ानें भारत के लिए रवाना होने वाली हैं.