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बहादुरी और बुद्धिमत्ता का परिचय देते हुए डेनमार्क की एक 52 वर्षीय महिला ने बलात्कारियों को रोकने के लिए ये कह दिया कि उसे एड्स है. हालांकि ये कहने के बावजूद वह बलात्कारियों को रोकने में कामयाब नहीं हो पाई.
गुनहगारों को सजा दिलवाने वापस आई महिला
घटना के 18 महीने बाद डेनमार्क से भारत लौटी महिला का जनवरी 2014 में रेप हुआ था. वापस आकर दिल्ली की निचली अदालत में बुधवार को उसने अपना बयान दर्ज करवाया. महिला के साथ डेनमार्क में उनके मेडिकल जांच में शामिल पुलिस अफसर और महिला डॉक्टर भी उनके साथ भारत आए हैं. उनका बयान कोर्ट में गुरुवार को दर्ज होगा.
इस मामले की सुनवाई तीस हजारी कोर्ट में बुधवार सुबह हुई थी. पब्लिक प्रोसिक्यूटर ने बताया कि कोर्ट में अपना बयान दर्ज करवाने के दौरान महिला ने चारों आरोपियों की भी पहचान की. पांच घंटे तक चली इस लंबी सुनवाई में क्रॉस एग्जामिनेशन के दौरान महिला दो बार बेहोश हुई.
भारत आई पर्यटक के साथ हुई दरिंदगी
पहली जनवरी को डेनमार्क की महिला भारत में घूमने के लिए दिल्ली आई थी. दिल्ली उतरने के तुरंत बाद वह राजस्थान और उत्तर प्रदेश रवाना हो गई. 13 जनवरी को वह फिर दिल्ली पहुंची. दिल्ली में वो पहाड़गंज के एक होटल में रुकी थी.
महिला का आरोप है कि जब वह दिल्ली के नेशनल म्यूजियम घूमने निकली, तो होटल लौटते वक्त नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास रास्ता भूल गई. चार में से एक आरोपी से उसने रास्ता पूछा, जिसने अपने आठ साथियों के साथ मिलकर उसका सामान लूट लिया और फिर चाकू की नोक पर उसके साथ रेप किया.
हालांकि महिला ने घटना के दिन ही एफआईआर दर्ज करवा दी थी, लेकिन वापसी की फ्लाइट होने के कारण उसकी मेडिकल जांच नहीं हो सकी थी. आठ में से दो आरोपियों की जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में सुनवाई जारी है, जबकि बाकी छह आरोपियों पर भी सुनवाई चल रही है.