
दिल्ली में चुनाव का शंखनाद हो चुका है और आम आदमी पार्टी एक-दो दिन में उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर सकती है. पिछली बार जिन तीन सीटों पर पार्टी हारी थी वहां उम्मीदवार बदले जाएंगे जबकि लोकसभा चुनाव लड़ चुके तीन नेता भी विधानसभा चुनाव में उतर सकते हैं. पार्टी करीब 10 सीटों पर टिकट काट या बदल सकती है. दूसरी पार्टी से आए दमदार नेताओं को भी पार्टी चुनाव में उतारने जा रही है.
पार्टी सूत्र बता रहे हैं कि चांदनी चौक से चार बार विधायक रहे कांग्रेस नेता प्रह्लाद सिंह साहनी के बेटे को चुनाव लड़ा सकती है. चांदनी चौक से 2015 में अलका लांबा ने आप के टिकट पर चुनाव जीता था लेकिन अब वे कांग्रेस में चली गई हैं. जबकि यहां के कद्दावर नेता प्रह्लाद सिंह साहनी आप में आ गए हैं.
करावल नगर जहां से कपिल मिश्रा ने पिछली बार जीत हासिल की थी और बाद में बगावत का झंडा बुलंद करते हुए भाजपा का दामन थाम लिया था वहां से इस बार दुर्गेश पाठक को टिकट मिल सकता है. दुर्गेश आम आदमी पार्टी के सबसे युवा नेताओं में एक हैं. महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर और झारखंड के प्रभारी हैं. पंजाब में संगठन बनाने में इनकी भी भूमिका थी.
पार्टी को मिले फीडबैक के आधार पर आप विधायक आदर्श शास्त्री का पत्ता कट सकता है, वे द्वारका से विधायक हैं. इसी तरह पालम से विधायक भावना गौड़ का भी टिकट फीडबैक के आधार पर कटने के कयास लगाए जा रहे हैं. पालम या द्वारका से कांग्रेस नेता महाबल मिश्रा के बेटे विनय मिश्रा को टिकट मिल सकता है जो कि कुछ दिनों पहले ही आम आदमी पार्टी में शामिल हुए हैं.
लोकसभा चुनाव लड़कर हारे कुछ नेताओं को भी आम आदमी पार्टी विधानसभा के मैदान में उतार सकती है. आप नेता दिलीप पांडे को तिमारपुर से चुनाव लड़ाया जा सकता है. जाहिर है अगर ऐसा होता है तो यहां से पंकज पुष्कर का टिकट कट जाएगा. इसी तरह राजिंदर नगर से विजेंद्र गर्ग का टिकट कटने के आसार हैं. यहां से लोकसभा चुनाव लड़ चुके पार्टी कोषाध्यक्ष राघव चड्ढा को टिकट मैदान में उतारा जाएगा. उधर, कालकाजी से अवतार सिंह कालका का टिकट कट सकता है और यहां से आतिशी मार्लीना को चुनाव लड़ा सकती है. आतिशी भी लोकसभा चुनाव लड़कर हार चुकी हैं.
सूत्र बताते हैं कि कोंडली के विधायक मनोज कुमार का टिकट कट सकता है, उनकी जगह मनीष सिसोदिया के करीबी पार्षद कुलदीप कुमार उर्फ मोनू को टिकट मिल सकता है. मुस्तफाबाद से पार्षद ताहिर हुसैन को टिकट मिल सकता है. यहां से पिछले चुनाव में भाजपा के जगदीश प्रधान ने जीत हासिल की थी. इसके अलावा भाजपा ने 2015 के चुनाव में विश्वासनगर और रोहिणी सीटों से जीत हासिल की थी. इन दोनों सीटों पर टिकट तय होना बाकी है लेकिन सूत्र इतना जरूर दावे से कह रहे हैं कि हारे हुए आप प्रत्याशियों को दोबारा इन दोनों सीटों से नहीं आजमाया जाएगा. गोकलपुर से मौजूदा विधायक का टिकट कट सकता है और पार्टी यहां से पूर्व विधायक सुरिंदर सिंह को उतार सकती है. सुरिंदर पहले बसपा में थे. मटिया महल से आसिम अहमद जो पहले भ्रष्टाचार के मामले में फंस गए थे, उनकी जगह हाल ही में आप में आए पांच बार के विधायक शोएब इकबाल या उनके पुत्र आले इकबाल को उतारा जा सकता है.
आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज का कहना है कि प्रत्याशियों की सूची एक-दो दिन में आने वाली है. भारद्वाज कहते हैं कि टिकट देना और काटना दोनों ही फीडबैक और सर्वे पर आधारित है. पार्टी ने सर्वे और फीडबैक पहले ही विधायकों से साझा की है और उनको जमीनी हकीकत बता दी है. कुछ ने इसमें सुधार भी किया है. प्रत्याशी चयन में पार्टी ने उम्मीदवारों की जनता में छवि को ज्यादा अहमियत देगी.
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