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दिल्ली विधानसभा में जनलोकपाल बिल पास, CM केजरीवाल बोले- केंद्र को अड़ंगा नहीं लगाने देंगे

जनलोकपाल विधेयक दिल्ली विधानसभा में पारित हो गया है. अन्ना हजारे की मांग मानते हुए दिल्ली सरकार ने विधेयक में दो संशोधन भी किए हैं.

दिल्ली विधानसभा में जनलोकपाल पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री केजरीवाल दिल्ली विधानसभा में जनलोकपाल पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री केजरीवाल
संदीप कुमार सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 04 दिसंबर 2015,
  • अपडेटेड 7:04 PM IST

दिल्ली विधानसभा में जनलोकपाल विधेयक पारित हो गया है. आम आदमी पार्टी की सरकार ये विधेयक लेकर आई है. शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अन्ना हजारे की मांगों को शामिल करते हुए दो संशोधन भी पेश किए. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस विधेयक को भ्रष्टाचार को खत्म करने वाला करार दिया है.

विधेयक पर चर्चा के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसे जनता का कानून करार दिया. विधानसभा में जनलोकपाल विधेयक पर चर्चा के दौरान सीएम केजरीवाल ने कहा कि जनता ने 67 सीटें देकर उन्हें जनलोकपाल कानून बनाने भेजा है और भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए वे इस कानून को बनवाकर ही दम लेंगे.

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पीएम, राष्ट्रपति के पास भी जाएंगे
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के पास इस बिल को लेकर चलेंगे. प्रधानमंत्री के पास बीजेपी के विधायकों के साथ चलेंगे और मांग करेंगे कि इस लोकपाल को पास कर दें और अगर बिल को पास नहीं किया तो ऊंगली टेढ़ी करनी पड़ेगी.

केजरीवाल ने अन्ना हजारे का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने इसी तरह के कानून के लिए जंतर-मंतर पर आंदोलन किया और हम वो सपना पूरा कर रहे हैं. केजरीवाल ने कहा कि इस कानून में सजा भी बढ़ाई गयी है. 10 साल से उम्र कैद तक का प्रावधान किया गया है. साथ ही सभी अधिकारियों को अपनी संपत्ति की जानकारी देनी होगी. 31 जनवरी तक जानकारी नहीं देने की स्थिति में फरवरी की सैलरी नहीं मिलेगी.

केजरीवाल ने विधेयक के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि देश का संविधान दिल्ली सरकार को ये जिम्मेदारी देता है कि दिल्ली भर में जहां भ्रष्टाचार होगा उसे रोकने की जिम्मेदारी हमारी है. केजरीवाल ने ऐलान किया कि 6 महीने में भ्रष्टाचार का मुकदमा पूरा होगा.

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समाजसेवी अन्ना हजारे की मांग के बाद शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने विधानसभा में बिल में जनलोकपाल की नियुक्ति से संबंधित दो संशोधन पेश किया. पेश किए गए संशोधन के मुताबिक जनलोकपाल का चयन 7 सदस्य करेंगे. चयन समिति के चार सदस्य आपसी सहमति से होंगे, जबकि बाकी तीन सदस्यों का चयन विपक्ष का नेता, हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और भूतपूर्व लोकपाल करेंगे.

7 सदस्य करेंगे लोकपाल का चयन
इनमें एक सदस्य दिल्ली हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस, दूसरा सदस्य खुद मुख्यमंत्री, तीसरा सदस्य दिल्ली विधानसभा का स्पीकर, चौथा सदस्य विपक्ष का नेता, पांचवें सदस्य का चयन सदन में विपक्ष का नेता करेगा. छठे सदस्य का चयन हाईकोर्ट द्वारा किया जाएगा और सातवें सदस्य का चयन भूतपूर्व लोकपाल या लोकायुक्त करेगा.

लोकपाल को हटाने के लिए सदन में होगी वोटिंग
नए संशोधन के मुताबिक लोकपाल को उसके पद से हटाने के लिए हाईकोर्ट की जांच के बाद सदन में वोटिंग करानी होगी जिसके बाद ही लोकपाल को हटाया जा सकेगा.

इससे पहले अन्ना ने आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास और संजय सिंह को जनलोकपाल बिल पर सुझाव दिए थे. सुझाव मिलने के बाद दोनों नेताओं ने कहा था कि वह इस बात को दिल्ली सरकार को बताएंगे. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जनलोकपाल विधेयक का समर्थन करने के लिए अन्ना हजारे का आभार जता चुके हैं, उन्होंने कहा था कि वह उनके सुझावों को अमल में लाएंगे.

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विश्वास और संजय सिंह ने की थी अन्ना से मुलाकात
आम आदमी पार्टी (आप) के नेता कुमार विश्वास और संजय सिंह ने रालेगण सिद्धि जाकर अन्ना हजारे से मुलाकात की थी. केजरीवाल ने एक समाचार पत्र में प्रकाशित अन्ना हजारे के बयान के हवाले से कहा, 'अन्ना जी, आपके समर्थन और शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद. हम निश्चित तौर पर आपके सुझावों पर अमल करेंगे.'

अन्ना ने दी आंदोलन की चेतावनी
जनलोकपाल से निकली आम आदमी पार्टी उसी जनलोकपाल के लिए एक बार फिर आंदोलन की राह पकड़ सकती है. आप ने समाजसेवी अन्ना हजारे से मुलाकात के बाद फिर आंदोलन की चेतावनी दी है. कुमार विश्वास और संजय सिंह अन्ना से मिलने रालेगण सिद्धि गए थे. उनसे मुलाकात के बाद अन्ना ने बताया कि दोनों नेताओं ने उनसे कहा कि यदि केंद्र सरकार अबकी बार फिर बाधा डालती है तो वह दोबारा आंदोलन के लिए तैयार रहें.

प्रशांत भूषण ने बताया जनलोकपाल को 'महाजोकपाल'
केजरीवाल के पुराने साथी रहे प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव इस बिल का विरोध कर रहे हैं. प्रशांत भूषण ने इस बिल को जनलोकपाल के बजाए महाजोकपाल तक कहा. प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव ने इस बिल के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन भी किया था. प्रशांत भूषण इस मामले पर गुरुवार को रालेगण सिद्धी भी गए और अन्ना हजारे से मुलाकात की.

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