
दिल्ली सरकार 'मोहल्ला क्लीनिक' को एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर गिनाने में पीछे नहीं रहती है. लेकिन अब केजरीवाल सरकार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने शुक्रवार को दिल्ली सरकार की मोहल्ला क्लीनिक परियोजना को लेकर उस पर निशाना साधा और इसे 'घोटाला' बताया. हर्षवर्धन का यह बयान इसमें हुई कथित अनियमितताओं पर मिली शिकायतों पर सर्तकता विभाग द्वारा विवरण मांगे जाने के बाद आया है.
हर्षवर्धन ने उठाए सवाल
मीडिया में आई खबरों का हवाला देते हुए हर्षवर्धन ने कहा कि ये पहल ऐसी हो सकती थी जिसपर दिल्ली गर्व कर सकती थी. लेकिन आरोप लगाया कि अच्छी आमदनी के लिए मोहल्ला क्लीनिक में डॉक्टरों ने मरीजों की फर्जी एंट्री की. हर्षवर्धन खुद भी एक डॉक्टर हैं. केजरीवाल सरकार की व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि एक मिनट में दो मरीजों का इलाज सच में रिकॉर्डतोड़ है.
बीजेपी के निशाने पर केजरीवाल सरकार
केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'एक मिनट में एक मरीज को देखना प्रभावशाली है लेकिन दो का इलाज करना सच में रिकॉर्डतोड़ है. मोहल्ला क्लीनिक एक घोटाला है. AAP सरकार द्वारा चलाए जा रहे मोहल्ला क्लीनिक में डॉक्टर मरीजों की झूठी एंट्री करते हैं, उनके दोबारा आने और अपनी आय के लिए उन्हें बेकार की दवाएं देते हैं.'
इसको लेकर हर्षवर्धन ने कई ट्वीट भी किया, 'मोहल्ला क्लीनिक एक ऐसी पहल थी जिस पर दिल्ली नाज कर सकती थी, लेकिन अफसोस इन लालची धोखेबाजों ने स्वास्थ्य सेवाओं में भी इमानदारी नहीं दिखाई.' दिल्ली भाजपा के वरिष्ठ नेता हर्षवर्धन का बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि केंद्र में मंत्री बनने के बाद वो दिल्ली की सियासत पर ज्यादा बोलने से परहेज करते हैं.
सतर्कता विभाग ने सीडीएमओ से जानकारी मांगी
दिल्ली सरकार के सतर्कता विभाग ने कथित अनियमितताओं से जुड़ी शिकायतें मिलने के बाद मोहल्ला क्लीनिकों के कामकाज पर जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों से जानकारी मांगी है. सूत्रों का कहना है कि शिकायतों के आधार पर विभाग ने हाल ही में सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को पत्र लिखकर सलाहकार डॉक्टरों को दिए जा रहे धन तथा कुछ मोहल्ला क्लीनिकों के किराया सहित विभिन्न मुद्दों पर जवाब मांगा है.
शिकायतों में कहा गया है, निजी डॉक्टरों को प्रति मरीज देखने का 30 रुपये मिलते हैं और वे मरीजों की संख्सा में 'फर्जीवाड़ा' कर रहे हैं. साथ ही मरीजों की संख्या बढ़ाने के लिए वे जानबूझकर व्यक्ति को बार-बार क्लीनिक बुला रहे हैं.
गौरतलब है कि इस परियोजना की संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव कोफी अन्नान सहित विभिन्न नेताओं और संगठनों ने तारीफ की है. दुनिया के सबसे पुराने मेडिकल जर्नल में एक ब्रिटेन की 'द लान्सेट' ने भी इसकी सराहना की है. पिछले दिनों पंजाब में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से लेकर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मोहल्ला क्लीनिक की कामयाबी को लेकर खूब जोर शोर से प्रचार और प्रसार किया था.