
अपने पति रोहित शेखर तिवारी को मौत की नींद सुलाने वाली अपूर्वा शुक्ला ने इस कत्ल की वारदात को बड़े ही शातिराना तरीके से अंजाम दिया. छानबीन में खुलासा हुआ है कि अपूर्वा ने रोहित का मर्डर करने के बाद सबसे पहले अपना मोबाइल फोन फार्मेट कर दिया था. जिसे बाद में परीक्षण के लिए भेजा गया है. अपूर्वा ने ज्यादा से ज्यादा सबूत मिटाने की कोशिश भी की.
कत्ल की रात हुआ था झगड़ा
दिल्ली क्राइम ब्रांच को पूछताछ में पता चला कि वारदात से पहले रोहित और अपूर्वा के बीच झगड़ा हुआ था. उस वक्त रोहित शराब के नशे में था. इससे पहले अपूर्वा लगातार अपने बयान बदलती रही. इसी वजह से उस पर पुलिस का शक गहरा गया था. बताया जा रहा है कि उस रात रोहित और अपूर्वा के बीच एक महिला को लेकर झगड़ा हुआ था, जिसके साथ अपूर्वा ने रोहित को शराब पीते हुए देख लिया था. वो महिला रोहित की एक मित्र बताई जा रही है.
मायके वालों के लिए अलग घर की मांग
दूसरी विवाद की वजह थी अपूर्वा की एक मांग. दरअसल, अपूर्वा का अपने मायके वालों के लिए रोहित से एक अलग मकान बनाने को लेकर भी विवाद चल रहा था. बताते हैं कि अपूर्वा और रोहित के बीच इस मामले को लेकर हत्या वाली रात हाथापाई हुई थी और उसी दौरान रोहित का गला दबाकर उसे मार दिया गया.
घर के नौकरों से भी होती रही पूछताछ
पुलिस ने अपूर्वा का ब्लड सेंपल और घटनास्थल पर पाए गए खून के नमूने भी लिए थे. जिस कमरे में रोहित की हत्या हुई वहां के सीसीटीवी कैमरे खराब होना भी इस बात की तस्दीक करता था कि हत्या में कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, घर का ही कोई शख्स शामिल था. यही वजह थी कि क्राइम ब्रांच की टीम उनके घर के नौकरों और ड्राइवर से लगातार पूछताछ करती रही.
ऐसे हुआ रोहित शेखर का कत्ल
क्राइम ब्रांच को अपूर्वा से पूछताछ के दौरान पता चला कि वारदात की रात रोहित और अपूर्वा के बीच जमकर झगड़ा हुआ था. दोनों बेडरूम ही झगड़ रहे थे. रोहित शराब के नशे में था. उसने काफी शराब पी रखी थी. धीरे-धीरे उन दोनों का झगड़ा हाथापाई में बदल गया था. अपूर्वा के मुताबिक उस वक्त दोनों ही एक दूसरे को मारने की कोशिश कर रहे थे. इसी बीच अपूर्वा के हाथ रोहित के गले तक जा पहुंचे और उसने रोहित को मौत की नींद सुला दिया.