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राम की कहानी को नए तरीके से लाना कितना बड़ा चैलेंज, अमीष बोले- सब शिव जी का आशीर्वाद

e-साहित्य आजतक में भारत के मशहूर लेखक अमीष त्रिपाठी ने शिरकत की. इस मौके पर उन्होंने बताया कि वे अपनी सोच और रामायण के इतिहास कि मदद से अपनी किताबों को लिख पाए.

अमीष त्रिपाठी अमीष त्रिपाठी
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 23 मई 2020,
  • अपडेटेड 6:37 PM IST

e-साहित्य आजतक में भारत के मशहूर लेखक अमीष त्रिपाठी ने शिरकत की. अमीष ने एंकर श्वेता सिंह से अपनी कितनों, भारत के इतिहास और भगवान राम और महादेव के बारे में बात की. इस मौके पर उन्होंने बताया कि वे अपनी सोच और रामायण के इतिहास कि मदद से अपनी किताबों को लिख पाए. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि ये भगवान शिव का उन्हें आशीर्वाद है कि वे ऐसा कुछ लिख पाते हैं.

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रामायण के बारि में कैसे लिखा?

अमीष त्रिपाठी ने बताया कि उन्होंने अलग-अलग रामायण को पढ़ा है. ऐसे में उन्होंने वाल्मीकि रामायण का भी अध्ययन किया है. उन्होंने कहा कि राम की कहानी को लिखना एक चैलेंज है क्योंकि रामायण कभी भी लोग पहली बार नहीं पढ़ते. लोगों को इस कहानी के बारे में सबकुछ पता ही है. उन्होंने बताया कि कैसे वाल्मीकि की लिखी आनंद रामायण की शुरू को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपनी किताब इक्ष्वाकु के वंशज का पहला चैप्टर लिखा था.

उन्होंने ये भी बताया कि अपनी लिखने की कला को वे भगवान शिव का आशीर्वाद मानते हैं. शिव उन्हें हमेशा रास्ता दिखाते हैं और उनकी स्पीड और सोच भी लिखने के मामले में अच्छी है.

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रामानंद सागर के हैं फैन

अमीष त्रिपाठी ने बताया कि वे रामानंद सागर की बहुत इज्जत करते हैं. उन्होंने कहा कि रामानंद सागर की रामायण को देखकर साफ दिखता है कि उनका दिल प्रभु राम के चरणों में था. रामानंद सागर की ही तरह मैं भी अपनी सोच और श्रद्धा के साथ लिखता हूं.

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