
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की स्वास्थ्य संबंधी स्थिति मंगलवार को भी जस की तस गंभीर बनी हुई है. वह आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं. मस्तिष्क में जमे खून के थक्के को हटाने के लिए की गई इस सर्जरी के बाद उनकी हालत गंभीर बनी हुई है. सर्जरी से पहले 84 साल के मुखर्जी का कोरोनावायरस टेस्ट भी पॉजिटिव पाया गया था.
आर्मी अस्पताल का कहना है कि आज सुबह भी पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की सेहत में कोई बदलाव नहीं हुआ है, वह अभी भी वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं. उनके प्रमुख पैरामीटर अभी भी स्थिर बने हुए हैं और विशेषज्ञों की एक टीम उनके सेहत की गहन निगरानी कर रही है.
आर्मी अस्पताल ने बताया था कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को 10 अगस्त को दोपहर 12.07 बजे गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था. जांच के दौरान उनके मस्तिष्क में खून के थक्के का पता चला, इसके लिए एक लाइफ सेविंग सर्जरी की गई थी. इस सर्जरी के बाद उनकी हालत बिगड़ गई और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है.
प्रणब मुखर्जी की नाजुक हालत पर पूरा देश फ्रिकमंद है. उनकी बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने 15 अगस्त को कहा था कि उनके पिता हर साल तिरंगा फहराते हैं, उन्हें उम्मीद है कि वे अगले साल भी देश की आजादी पर तिरंगा फहराएंगे. बता दें कि प्रणब मुखर्जी 2012 से 2017 तक भारत के 13वें राष्ट्रपति रहे हैं.