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क्‍या है क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम, जिस पर घर खरीदारों को राहत दी गई है

क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम को सरकार ने 2017 में लागू किया था जो मार्च 2020 में खत्म हो गया था. अब इसकी तारीख बढ़ाकर मार्च 2021 कर दी गई है.

आवास क्षेत्र को 70,000 करोड़ रुपए का प्रोत्साहन मिलेगा आवास क्षेत्र को 70,000 करोड़ रुपए का प्रोत्साहन मिलेगा
aajtak.in
  • नई दिल्‍ली,
  • 14 मई 2020,
  • अपडेटेड 7:06 PM IST

  • क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम की डेडलाइन बढ़ा दी गई
  • पहले सरकार ने 1 मार्च 2020 की डेडलाइन तय की थी

कोरोना संकट से निपटने के लिए सरकार ने 20 लाख करोड़ के इकोनॉमी पैकेज का ऐलान किया है. इस पैकेज के जरिए देश के अलग-अलग सेक्‍टर और लोगों को राहत देने की कोशिश की जा रही है.

इसी के तहत सरकार ने क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम की भी डेडलाइन बढ़ा दी है. इसका ऐलान करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आवास क्षेत्र को 70,000 करोड़ रुपए का प्रोत्साहन मिलेगा. ऐसे में सवाल है कि ये स्‍कीम क्‍या है और इसका फायदा किन लोगों को मिलता है. आइए विस्‍तार से जानते हैं..

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दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2015 में आवास योजना (PMAY) की शुरुआत की थी. इस योजना का मकसद लोगों के अपने घर का सपना साकार करना था. सरकार की इस स्‍कीम के तहत आप सस्‍ती ब्‍याज दर पर होम लोन भी ले सकते हैं. इसके साथ ही लोन पर एक सब्‍सिडी यानी छूट भी दी जाती है.

क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम

लोन पर सब्‍सिडी को क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (CLSS) कहते हैं. सरकार ने ये योजना मिडिल क्‍लास इनकम वाले लोगों के लिए साल 2017 में शुरू की थी. इसका मकसद होम लोन के लिए प्रोत्‍साहन देना था, ताकि लोग घर खरीद सकें. पहले सरकार ने स्‍कीम के तहत सब्‍सिडी लेने वालों के लिए 31 मार्च 2020 की डेडलाइन तय की थी. अब इस डेडलाइन को बढ़ाकर मार्च 2021 कर दिया गया है. मतलब आप इस अवधि तक लोन के लिए अप्‍लाई कर इस सब्‍सिडी का लाभ ले सकते हैं.

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ये पढ़ें- राहत पैकेज की दूसरी किस्‍त में किसे क्‍या मिला,जानें- वित्त मंत्री के बड़े ऐलान

किन लोगों को मिलेगा फायदा?

इसका फायदा उन लोगों को मिलेगा जिनकी सालाना इनकम 6-18 लाख के बीच में है. सरकार का कहना है कि इस स्‍कीम से अब तक 3.32 लाख परिवार लाभान्वित हुए हैं. वहीं 2020-21 के दौरान अतिरिक्‍त 2.50 लाख परिवारों को फायदा होगा. सरकार के मुताबिक इस फैसले से आवासीय क्षेत्र में 70 हजार करोड़ के निवेश को बढ़ावा मिलेगा. वहीं रोजगार के अलावा स्‍टील, सीमेंट, परिवहन और अन्‍य निर्माण सामग्री की मांग बढ़ेगी.

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