
हमारे ग्रहों से हमारी पढ़ाई भी प्रभावित होती है. हर विषय के लिए अलग-अलग ग्रह जिम्मेदार होते हैं. आइए जानते हैं पढ़ाई और ग्रहों का यह अद्भुत कनेक्शन....
गणित
गणित एक कठिन विषय माना जाता है. इसकी अच्छी जानकारी के लिए बुध का मजबूत होना जरूरी है. कुछ हद तक मंगल का ठीक होना भी जरुरी है. अगर गणित में कमजोरी है तो बुध के मंत्र का जाप करें. नियमित रूप से गणेश जी को दूब चढ़ाएं .
अंग्रेजी
- अंग्रेजी को सामान्यतः विदेशी भाषा माना जाता है.
- अंग्रेजी भाषा की अच्छी जानकारी के लिए शनि का मजबूत होना जरूरी है.
- कुछ अंशों में केतु का बेहतर होना भी जरुरी है
- अगर अंग्रेजी में समस्या है तो शनि मंत्र का जाप करें.
- प्रातः पीपल के पौधे में जल डालें और शाम को पीपल के नीचे दीपक जलाएँ.
विज्ञान
- विज्ञान विषय आम तौर पर सूर्य और चन्द्रमा से नियंत्रित होता है.
- कुल मिलाकर बिना सूर्य के विज्ञान में समस्या आती ही है.
- अगर विज्ञान में समस्या आ रही हो तो नियमित रूप से सूर्य को जल चढ़ाएं .
- साथ ही रविवार को नमक और अदरक का सेवन न करें .
कला वर्ग के विषय
- कला वर्ग के विषय आम तौर पर शुक्र और चन्द्रमा से सम्बन्ध रखते हैं
- इनके कमजोर होने पर कला (humanity) वर्ग में शिक्षा में बाधा आती है.
- अगर कला वर्ग में पढाई में समस्या आ रही हो तो शिव जी को नियमित जल अर्पित करें.
- रात में सोने के पहले हल्का गुनगुना दूध जरूर पीयें.
कम्प्यूटर
- कम्प्यूटर की शिक्षा राहु-केतु की कृपा से आती है .
- अगर राहु केतु मजबूत हैं तो आदमी अच्छे से कम्प्यूटर की शिक्षा प्राप्त करता है.
- कम्प्यूटर में समस्या होने पर राहु के मंत्र का जाप करें .
- नियमित रूप से तुलसी के नीचे दीपक जलाएँ .
कामर्स
- बुध का बेहतर होना ही कामर्स में व्यक्ति को अच्छा बनाता है.
- अगर कामर्स में समस्या हो "ॐ गं गणपतये नमः" का जाप करें.
- हर बुधवार को गणेश जी को लड्डू अर्पित करें.