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दिल्ली ने भले ही बलात्कार की राजधानी की कुख्यात उपाधि हासिल कर ली हो, लेकिन गुड़गांव भी तेजी से इस ओर बढ़ रहा है. अंग्रेजी अखबार मेल टुडे ने अपनी जांच में पाया कि किस तरह यहां के मॉल्स, पब्स और शराब की दुकानें हवस के पुजारियों के लिए सफारी बनती जा रही हैं.
मेल टुडे की टीम सबसे पहले सहारा मॉल पहुंची. मॉल के अंदर पहुंचते ही तीन आदमियों का एक ग्रुप टीम से बात करने लगा. उनमें से किसी एक ने कहा, 'सर, क्या आप पब में जाना चाहते हैं?' टीम के हामी भरते ही वे कीमत और सुविधाओं के बारे में बताने लगे. उन्होंने कहा, '700 रुपये में आप 4 ग्लास बीयर पी सकते हैं. आप पब में किसी भी लड़की के साथ डांस कर सकते हैं.'
जब टीम ने इस बारे में और ज्यादा पूछा तो उन्होंने बताया, 'आप लड़की के साथ डांस कर सकते हैं और वह आपके साथ सहयोग करेगी. आप उन्हें सिर्फ 400-500 रुपये भी दे देंगे तो पब के अंदर जो कुछ भी हो सकता है वह आपके लिए करेगी.' यह पूछे जाने पर कि क्या बाहर जाना मुमकिन है तो उन्होंने कहा, 'इस बारे में लड़की ही आपको बताएगी. ज्यादातर लड़कियां बाहर जाने के लिए राजी हो जाती हैं. अमूमन वे एक घंटे के लिए 1,000 से 1,500 के आसपास चार्ज करती हैं.'
जब रिपोर्टर का ध्यान पब से बाहर जाते हुए एक कपल पर गया तो उन्होंने बताया, 'सर, ये कपल नहीं है. लड़की उस आदमी के साथ पैसों के लिए बाहर जा रही है.'
मेल टुडे ने तकरीबन 100 लड़कियों को मॉल में जाते हुए देखा. इन सभी ने भड़काऊ कपड़े पहन रखे थे और आंख मिलाते ही यह इशारे कर रही थीं. जब रिपोर्टर ने इनका पीछा किया तो पाया कि यह सब उस मॉल में बने सात अलग-अलग पबों में चली गईं.
इसके बाद मेल टुडे की टीम मॉल की तीसरी मंजिल में पहुंची जहां, पब के बाहर कुछ लोग कूपन बांट रहे थे. वहीं, उसके पास ही कुछ लड़कियां लाइन में खड़ी होकर सिगरेट पी रही थीं. जब उन लड़कियों के बारे में पूछा गया तो एक दलाल ने बताया, 'यह लड़कियां थोड़ी देर आराम करने के लिए बाहर आईं हैं. कुछ देर बाहर रहने के बाद यह वापस पब में चली जाएंगी.'
मेल टुडे की टीम ने जेएमडी मॉल, विपुल अगोरा मॉल और एमजीएफ मॉल समेत कई मॉल्स में जाकर छानबीन की, जहां का नजारा लगभग एक सा था. इस इलाके में दो से तीन किलोमीटर के बीच में शराब की 30 दुकानें हैं. यह सभी दुकानें एक ही थाने में आती हैं. इन दुकानों के आसपास एसयूवी और दूसरी महंगी गाड़ियां एक के पीछे एक खड़ी रहती हैं. लगभग सभी गाड़ियों में लोग शराब पीते हुए मिल जाएंगे.
एक मॉल में दुकान चलाने वाले दुकानदार ने बताया, 'जो लोग मॉल के बाहर गाड़ियों में बैठकर शराब पीते हैं, उनमें ज्यादातर स्थानीय लोग होते हैं. जमीन बेचने के बाद उनके पास काफी पैसा आ गया है. उनमें ज्यादातर लोग अनपढ़ हैं और वे यहां मजे के लिए आते हैं.'
कपड़ों की दुकान चलाने वाले रजनीश गोयल ने बताया कि ज्यादातर पबों के मालिक अमीर गांववाले हैं. उन्होंने कहा, 'वे दूसरा कोई काम नहीं कर सकते. उनमें से ज्यादातर प्रॉपर्टी डीलर हैं. उनमें से बहुत सारे लोग पब और बार चला रहे हैं.'
इन पबों की वजह से मॉल में खुली दूसरी दुकानों पर भी खराब असर पड़ रहा है. हाल ही में सहारा मॉल के मैनेजमेंट ने हरियाणा एक्साइज डिपार्टमेंट और टैक्स डिपार्टमेंट से अनुरोध किया है कि वह इन पबों के परमिट को आगे न बढ़ाएं. मॉल के मैनेजमेंट ने राज्य सरकार से मॉल के अंदर चल रहे तमाम पबों का लाइसेंस रद्द करने की गुहार भी लगाई है.
फिलहाल मेल टुडे की खबर का असर हुआ है और अब गुड़गांव पुलिस ने फैसला किया है कि वह पब में जाने वाली लड़कियों पर नजर रखेगी. यही नहीं लड़कियां जिस शख्स के साथ गाड़ी में बैठकर जाएंगी पुलिस उनकी भी छानबीन करेगी. इस नए कदम के तहत पब के बाहर पुलिसवाले तैनात किए गए हैं.