गुड़गांव के न्यू कॉलोनी मोड़ पर हुई जेल में बंद बिंदर गुर्जर के बड़े भाई पप्पू गुर्जर के हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा लिया है. इस मामले में मृतक गैंगस्टर संदीप के भाई मास्टर ब्रह्मप्रकाश और उसके दो अन्य साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है.
आरोपियों ने खुलासा किया कि उनके निशाने पर बिंदर गुर्जर था, लेकिन जब वह हाथ नहीं लगा, तो उन लोगों ने उसके बड़े भाई को निशाने पर लिया. इसके लिए उन्हें 10 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी.
पुलिस हिरासत में आरोपियों ने कई खौफनाक खुलासे किए हैं, जिसने पुलिस को चौंका दिया है. यदि बदमाश अपने नापाक मंसूबे में कामयाब हो जाते तो साइबर सिटी गुड़गांव एक बार फिर गैंगवार की आग से जलने लगता.
इस बार संदीप गाडौली की बहन और दोनों भाइयों ने बिंदर गुर्जर, मनोज गुर्जर और एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों की हत्या की साजिश रची थी. इसके लिए इन बदमाशो ने हैंड ग्रेनेड तक खरीदने की तैयारी की थी, लेकिन इससे पहले वारदात का खुलासा हो चुका था.
बीती 7 फरवरी को मुंबई के होटल एयरपोर्ट में गुड़गांव के नामी गैंगस्टर संदीप गाडौली के एनकाउंटर के बाद से ही उसके परिजनों ने गैंगस्टर बिंदर गुर्जर की मदद से फर्जी एनकाउंटर करवाने की बात कही थी.
इसके बाद मुंबई पुलिस की जांच में एक सब-इंस्पेक्टर सहित चार अन्य लोगों के खिलाफ फ़र्ज़ी एनकाउंटर के षड्यंत्र रचने का मामला दर्ज किया गया था. इसमें
गैंगस्टर बिंदर गुर्जर के छोटे भाई मनोज गुर्जर के खिलाफ भी मुंबई
पुलिस ने 120बी के तहत मामला दर्ज किया था.