
हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर सियासी समीकरण साधने में जुट गए हैं. उन्होंने किसानों के बाद व्यापारियों का दिल जीतने की कवायद की है. सीएम खट्टर ने व्यापारियों को राहत देते हुए उनके लिए बीमा योजना सहित कई घोषणाएं की हैं. 'मुख्यमंत्री व्यापारी निजी दुर्घटना बीमा योजना' के तहत पांच लाख रुपये का बीमा कवर मिलेगा और इसके लिए व्यापारियों को जीएसटी के तहत पंजीकरण करना अनिवार्य होगा.
मुख्यमंत्री खट्टर ने हरियाणा में एक मजबूत वोट बैंक माने जाने वाले व्यापारियों के वर्ग के लिए दो योजनाएं शुरू की हैं. प्रदेश के व्यापारियों के लिए निजी दुर्घटना बीमा योजना के साथ ही व्यापारी क्षतिपूर्ति योजना भी बुधवार से लागू हो गई है. इसके तहत दुर्घटना में मृत्यु होने या पूरी तरह से विकलांग होने पर व्यापारियों को पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी.
इसी तरह से व्यापारियों के लिए 5 से 25 लाख रुपये तक के नुकसान की क्षति-पूर्ति बीमा योजना की भी शुरुआत की गई है. सीएम ने ऐलान किया है कि राज्य में 3 लाख 13 हजार फर्म जीएसटी पंजीकृत हैं. इसी तरह से जीएसटी के तहत कुल 3 लाख 86 हजार 679 व्यापारी पंजीकृत हैं. सरकार ने यूनाइटेड इंडिया कंपनी से दोनों बीमा योजनाओं को कवर करवाया है. दोनों योजनाओं का सालाना प्रीमियम करीब 38 करोड़ रुपये बनेगा, जिसे सरकार वहन करेगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीमा कंपनी के पास व्यापारियों का बीमा स्वत: कवर हो जाएगा क्योंकि कराधान विभाग द्वारा बीमा कंपनी को जीएसटी के तहत पंजीकृत व्यापारियों की सूची उपलब्ध करवा दी गई है. उन्होंने बताया कि प्रदेश में 3,13,112 फर्म पंजीकृत हैं तथा 3,86,669 व्यापारी पंजीकृत हैं. दोनों बीमा योजनाओं की प्रीमियम की 36.13 करोड़ रुपये की राशि सरकार द्वारा वहन की जाएगी और व्यापारियों का बीमा मुफ्त होगा.
मौजूदा समय में 5 लाख रुपये की दुर्घटना बीमा योजना से हरियाणा के करीब 4 लाख GST रजिस्टर्ड व्यापारियों को मिलेगा लाभ. प्रदेश के सभी पंजीकृत व्यपारियों का निःशुल्क बीमा सरकार करेगी. 3 लाख 13 हजार फर्म हैं जो जीएसटी के तहत पंजीकृत हैं. इन फर्मों के माल का नुकसान होने पर भी बीमा कंपनी से आर्थिक मदद देगी. इसके लिए हरियाणा सरकार 38 करोड़ रुपये की प्रीमियम बीमा राशि का भुगतान करेगी.