
हरियाणा विधानसभा में इंडियन नेशनल लोकदल और विधानसभा में नेता विपक्ष अभय चौटाला गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ जमीन घोटाले की चार्जशीट दिखाने लगे.
इंडियन नेशनल लोकदल का कहना है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के दबाव में हुड्डा के खिलाफ जो कार्रवाई कर रही है, वह नाकाफी है. हुड्डा ने 10 साल मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए जमीनों के आवंटन में कई बड़े घोटाले किए हैं और अब भी कई मामलों की जांच जान-बूझकर खट्टर सरकार नहीं करा रही है.
चौटाला ने कहा, इन तमाम मामलों की जांच सीबीआई को सौंपी जानी चाहिए. हरियाणा के CM मनोहर लाल खट्टर को पता है कि उनके तमाम मंत्री ही भ्रष्ट हैं, इसी वजह से वह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के जमीन आवंटन के घोटालों के मामले की जांच ठीक से नहीं करा रहे और उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं.
वहीं कांग्रेस भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ झूठे मामले तैयार करके उन्हें फंसाने का आरोप सरकार पर लगाती रही. हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक द्वेष के चलते हुड्डा के खिलाफ जमीन आवंटन के कई मामले दर्ज करा दिए हैं और इन मामलों में कुछ भी दम नहीं है.
हुड्डा के खिलाफ इन 6 मामलों की सीबीआई जांच चल रही
1. पंचकूला का एजेएल प्लॉट आवंटन मामला
2. पंचकूला का ही इंडस्ट्रियल प्लॉट आवंटन मामला
3. मानेसर में जमीन अधिग्रहण घोटाला
4. रैक्सील खरीद मामले में एक जांच पहले ही सीबीआई के पास चल रही है
5. रोहतक में उदार गगन प्रॉपर्टीज को दी गई करीब 280 एकड़ जमीन का मामला
6. सोनीपत में जमीन अधिग्रहण के मामले की जांच भी सीबीआई कर रही है.
खट्टर सरकार का कहना है कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए जमीन आवंटन के दौरान जो धांधलियां और घोटाले किए हैं उनकी जांच सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद CBI को सौंपी गई है. इससे पहले भी धींगड़ा आयोग की रिपोर्ट पर हरियाणा सरकार ने इन तमाम जमीन आवंटन के मामलों की जांच CBI से करानी शुरू कर दी है.
हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि हुड्डा के खिलाफ एक के बाद एक जमीन आवंटन के मामलों के दौरान घोटालों और धांधलियों की बात सामने आ रही है. इसी वजह से उनके खिलाफ सीबीआई जांच भी शुरू की गई है, लेकिन इन तमाम मामलों ने राजनीतिक रूप ले लिया है. इसी वजह से हरियाणा में चल रहे विधानसभा बजट सत्र के दौरान हरियाणा की राजनीति पूरी तरह से गरमा चुकी है.