
जेएनयू में देश विरोधी नारेबाजी को लेकर जहां दिल्ली में सियासी सरगर्मी बढ़ गई है, वहीं इसकी जद में पड़ोसी राज्य हरियाणा भी आ गया है. मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के पूर्व ओएसडी और वर्तमान में हरियाणा हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन जवाहर यादव ने ट्विटर पर यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन कर रही छात्राओं की तुलना 'तवायफ' से कर दी. हालांकि विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने अपना ट्वीट हटा दिया और अब माफी भी मांग ली है.
बीजेपी नेता जवाहर यादव ने जेएनयू विवाद को लेकर ट्विटर पर पहले लिखा, 'जेएनयू में लड़कियां जो देशद्रोही नारेबाजी कर रही थीं, उनके लिए सिर्फ यही कहूंगा कि तुमसे अच्छी तवायफें होती हैं, जो जिस्म बेचती हैं देश नहीं.'
इस ट्वीट के फौरन बाद सोशल मीडिया से लेकर राज्य के सियासी गलियारों में यादव की आलोचना शुरू हो गई. मामला बढ़ते ही जवाहर यादव ने अपने विवादित ट्वीट को डिलीट कर दिया है. इसके बाद उन्होंने ट्विटर पर ही इसको लेकर माफी भी मांगी और सफाई दी कि उनकी मंशा किसी की भावना को ठेस पहुंचाने की नहीं थी.
हरियाणा हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन ने लिखा, 'मेरे किए गए ट्वीट के गलत अर्थ निकाले गए. इसलिए मैं अपने बयाने को वापिस लेता हूं. मेरा उद्देश्य किसी की भावना हो ठेस पहुंचाना नहीं था.'