
हरिय़ाणा के कुरक्षेत्र इलाके में 15 साल पहले एक सुबह अचानक लोगों को एक गुमनाम चिट्ठी मिलती है. उस चिट्ठी में लिखा था कि डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख बाबा राम रहीम ने अपने ड़ेरे में कई साध्वियों के साथ बलात्कार किया है और चिठ्ठी लिखने वाली उन साध्वियों में से एक है. चिट्ठी में उस साध्वी ने अपने नाम की जगह नीचे बस इतना लिखा था- एक दुखी अबला. बस इस एक गुमनाम चिट्ठी के सहारे आगे जो कुछ होता है वो वाकई किसी भी इंसाफ पसंद देश के लिए एक मिसाल है. आइए आपको बताते हैं कि 15 साल पहले लिखी गई एक चिट्ठी ने कि तरह बाबा राम रहीम को बलत्कार का दोषी करार देते हुए जेल पहुंचा दिया.
चिठ्ठी ने पहुंचाया जेल
वारदात के पास उस साध्वी की चिट्ठी मौजूद है. तीन पन्नों की इस चिट्ठी का हर शब्द अब आप सुनेंगे। इस चिट्ठी में बबा राम रहीम के डेरा के अंदर की पूरी कहानी विस्तार से बताई गई है. चिट्ठी लिखने वाली साध्वी ने लिखा है कि डेरा के अंदर जब पहली बार एक दूसरी साध्वी ने उसे बताया कि बाबा राम रहीम उसे अपनी गुफा में बुला रहे हैं तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं था. उसे लगा कि भगवान खुद उसे बुला रहे हैं. मगर एक बार गुफा में जाते ही जो रूप उसने अपने बाबा का देखा उसके बाद तो भगवान पर से ही उसका भरोसा उठ गया.
बाबा राम रहीम बलात्कार के इलजाम में दोषी करार दिए जाने के बाद बेशक जेल पहुंच गए। मगर उनके खिलाफ़ बस ये इकलौता मामला नहीं है। अभी और भी कैसे ऐसे मामले हैं जिनका फैसला जल्द आने वाला है और जो परेशान बाबा की परेशानी और भी बढ़ा सकते हैं। इनमें क़त्ल से लेकर गुमशुदगी और सैकड़ों लोगों को नपुसंक बनाने के कई मामलों की अदालत में सुनवाई चल रही है। कुछ मामलों में तो चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है।
पत्रकार राम चंद्र हत्याकांड
एक पत्रकार के क़त्ल का ये मामला भी पंचकूला की उसी सीबीआई अदालत में चल रहा है, जिसने शुक्रवार को राम रहीम को दोषी ठहराया है. इस मामले में सीबीआई और बचाव पक्ष दोनों तरफ से गवाहियां पूरी हो चुकी हैं. अब 16 सितंबर से अदालत में बहस शुरू होनी है. सीबीआई के मुताबिक रामचंद्र छत्रपति एक ऐसा पत्रकार था, जो अपने अख़बार पूरा सच में राम रहीम के तमाम कच्चे-चिट्ठों का खुलासा किया करता था. मगर 24 अक्टूबर 2002 को उसकी हत्या कर दी गई. सीबीआई का इल्जाम है कि रामचंद्र से बदला लेने के लिए राम रहीम ने ही उसके क़त्ल की साज़िश रची थी. बाबा के ही दो सेवादार कुलदीप उर्फ़ काला और निर्मल को उसने शूटर बना कर रामचंद्र के क़त्ल का काम सौंपा था. इत्तेफ़ाक से काला मौका-ए-वारदात पर ही पकड़ा गया और बाबा का भेद खुल गया.
रणजीत सिंह मर्डर केस
रणजीत सिंह बाबा के खिलाफ़ मोर्चा खोलनेवाले दो साध्वियों में से एक का भाई था, जिसकी हत्या इसी रेप केस के सिलसिले में ही की गई. सीबीआई ने इस मामले की भी जांच की और इस मामले की भी तमाम गवाहियां पूरी हो चुकी हैं और इस मामले में भी उसी अदालत में 16 सितंबर से बहस की शुरुआत होनी है.
नपुंसक बनाने का मामला
सीबीआई बाबा के खिलाफ़ चार सौ से ज़्यादा लोगों को नपुंसक बनाने के मामले की भी जांच कर रही है... पजाब हरियाणा हाई कोर्ट खुद इस जांच की निगरानी कर रहा है. फिलहाल सीबीआई के पास 166 लोगों की लिस्ट है और सीबीआई ने अदालत में इस सिलसिले में सात रिपोर्ट पेश भी कर चुकी है.
फ़कीरचंद गुमशुदगी का मामला
फकीरचंद गुमशुदगी का मामला फिलहाल हाई कोर्ट में है. बाबा के एक पूर्व साधू फकीरचंद की गुमशुदगी के सिलसिले में 2010 में एफआईआर दर्ज हुई थी, जिस पर आगे चल कर क्लोज़र रिपोर्ट दाखिल हो गई थी. लेकिन हाई कोर्ट के कहने पर अब इस मामले को री-ओपन किया गया है और मामला हाई कोर्ट में है. इत्तेफ़ाक से इसकी बहस की तारीख़ भी 16 सितंबर ही है.
इतने संगीन मामलों से घिरे होने और यहां तक कि चार्जशीट दाखिल हो जाने के बावजूद बाबा राम रहीम आज से पहले कभी गिरफ्तार तक नहीं हुए. गिरफ्तारी छोड़िए वो तो पेशी पर भी अदलात नहीं जाते. बाबा अब तक 16 बार 16 तारीख़ों पर अदालत से ग़ैर हाज़िर रहे. अलग-अलग बहाने बनाते रहे. जबकि इस दौरान फ़िल्मों की शूटिंग से लेकर उनके तमाम प्रवचन जारी थे.
बलात्कार के मामले में तो बाबा राम रहीम दोषी साबित हो गए. इसकी सजा भी सोमवार को उन्हें सुना दी जाएगी. मगर बाबा पर ये इकलौता इलजाम नहीं है. बाबा पर अभी तो कत्ल के भी दो-दो मुकदमे चल रहे हैं. और इनमें से एक कत्ल तो इसी रेप केस से जुड़ा है जिसमें उन्हें दोषी ठहराया गया है. कत्ल के इन दोनों ही मुकदमों में गवाहों की गवहियां पूरी हो चुकी है अब 16 सितंबर से इस पर बहस शुरू होनी है.