Advertisement

हाईवे पर शराब बिक्री बैन की इस तरह उड़ाई जा रही हैं धज्जियां

हाईवे पर शराब की उपलब्धता के जुगाड़ के लिए क्या क्या तरीके निकाल लिए गए, जान कर आप हैरान रह जाएंगे.हरियाणा के पलवल जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग (NH2) से महज 100मीटर की दूरी पर खुले मैदान में खड़े कंटेनर की पहले बात करते हैं. इंडिया टुडे का अंडर कवर रिपोर्टर वहां पहुंचा तो वहां अनोखा ही नजारा था. जंग खाए कार्गो केबिन को ही अल्कोहल के स्टोर में बदल दिया गया था.

हाईवे पर शराब बिक्री बैन की इस तरह उड़ाई जा रही हैं धज्जियां हाईवे पर शराब बिक्री बैन की इस तरह उड़ाई जा रही हैं धज्जियां
अमित कुमार चौधरी/नितिन जैन
  • बल्लभगढ़/पलवल/मुजफ्फरनगर/मुंबई,
  • 07 अप्रैल 2017,
  • अपडेटेड 6:56 PM IST

हाईवे पर शराब की उपलब्धता के जुगाड़ के लिए क्या क्या तरीके निकाल लिए गए, जान कर आप हैरान रह जाएंगे.

हरियाणा के पलवल जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग (NH2) से महज 100मीटर की दूरी पर खुले मैदान में खड़े कंटेनर की पहले बात करते हैं. इंडिया टुडे का अंडर कवर रिपोर्टर वहां पहुंचा तो वहां अनोखा ही नजारा था. जंग खाए कार्गो केबिन को ही अल्कोहल के स्टोर में बदल दिया गया था.

Advertisement

कंटेनर में बिजली का पूरा इंतजाम देखने को मिला. दिलचस्प बात ये है कि कंटेनर पास की पुलिस चौकी से कुछ मीटर की दूरी पर ही स्थित था. सोफ्ता गांव में शराब की इस अद्भुत दुकान में पंखा और रेफ्रीजेरेटर दोनों काम कर रहे थे. दुकान पर मौजूद शख्स ने पहले रेफ्रीजेरेटर से बीयर की बोतल और फिर पास ही रखे गत्ते के डब्बे से व्हिस्की की बोतल निकाली.

इंडिया टुडे की जांच से ये हकीकत निकल कर सामने आई कि देश के कई हिस्सों में राजमार्गों पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश का खुला उल्लंघन करते हुए शराब बेची जा रही थी वो भी ऊंचे दाम पर. एक कंटेनर में इस तरह शराब बेचे जाने पर हेड कांस्टेबल कुशल कुमार से पूछा गया तो उसने सपाट जवाब दिया- ‘ये सुप्रीम कोर्ट का आदेश है पर इसे लागू कराना एक्साइज इंस्पेक्टर का काम है, हम इसमें क्या कर सकते हैं?’ राष्ट्रीय राजमार्ग 2 पर ही बल्लभगढ़ के सीकरी चौक पर दो दुकानों में भारत निर्मित विदेशी शराब (IMFL) और देसी शराब बिकती दिखी वो भी हाईवे से महज 50 मीटर की दूरी पर. IMFL स्टोर के संचालक ने कहा कि हम इस स्टॉक का करें तो करें कया? अंडर कवर रिपोर्टर ने फिर जानना चाहा कि क्या इसी तरह आगे भी शराब बिकती रहेगी? शराब बेचने वाले का इस पर जवाब था- ‘तो आप कहना चाहते हैं कि मैं इसे सड़क पर रख दूं.’ विभिन्न राजमार्गों पर अल्कोहल की कालाबाजारी आम दिखी. बल्लभगढ़ के जेसीबी चौक पर अतिथि रेस्टोरैंट के मालिक पंकज बंसल ने व्हिस्की और बीयर के कई ब्रैंड उपलब्ध बताए लेकिन एमआरपी से अधिक कीमत पर. बंसल ने कहा, ‘यहां प्रिंटेड कीमत का कोई सिस्टम नहीं है. हम 24 घंटे खुले रहते हैं लेकिन हम रात को अधिक कीमत वसूलते हैं.’

Advertisement
पलवल के बाघोला में चौधरी होटल का एक कर्मचारी बड़ी मात्रा में बीयर बेचता दिखा. उसने कहा, ‘जितनी मर्जी बोतल चाहो ले सकते हो, 20 या 50, ये 24 घंटे फ्रीज में उपलब्ध हैं.’

हरियाणा की तरह उत्तर प्रदेश के एनएच 58 पर भी दिल्ली और मुजफ्फरनगर के बीच नजारा अलग नहीं था.

बिना लाइसेंस वाले एक स्टोर ने 140 रुपए कीमत वाली बीयर की बोतल के 200 रुपए मांगे. उसने कहा कि ज्यादा खरीदोगे तो डिस्काउंट मिलेगा.

इंडिया टुडे की जांच टीम ने मुंबई में भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन का रियलिटी चक किया. महानगर के व्यस्त वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर स्थित साई प्रसाद बार एंड रेस्टोरैंट पर पहुंचे तो वहां बीयर की बोतलें खुले तौर पर बिक्री के लिए रखी दिखाई दीं.

गोरेगांव फ्लाईओवर के पास एक होटल ने लाइट बंद कर रखी थीं ताकि हाईवे से गुजरने वाले को छुपा कर शराब बेची जा सके. वहां मौजूद शख्स ने कहा, ‘अगर अंदर शराब पीने की इजाजत होती तो हम लाइट बंद कर क्यों रखते. ऐसा होता तो हम लाइट जलाए रखते.’

तड़के करीब 3 बजे महाराष्ट्र-गुजरात बॉर्डर पर चरोटी में स्थित अतिथि रेस्टोरैंट में इंडिया टुडे के अंडर कवर रिपोर्टर के सामने स्टील के मगों में शराब परोसते देखी गई जिससे किसी भी संभावित निरीक्षण से बचा जा सके. वहां के मैनेजर ने कहा कि यहां आपको शराब स्टील के मग में ही मिलेगी. रिपोर्टर के आश्चर्य जताने पर भी मैनेजर ने कहा कि यहां ऐसे ही शराब मिलेगी.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement