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वो IAS-IPS अफसर जिनकी मौत आज भी बना हुई है 'रहस्य'...

मुकेश की तरह ही देश के कई ऐसे IAS-IPS अधिकारी रहे हैं, जो कभी रहस्यमय तरीके से काल के गाल में समा गए तो कुछ ने पारिवारिक कलहों की वजह से मौत को गले लगा लिया. आपको बताते हैं ऐसे ही कुछ दिवंगत जांबाज अफसरों के बारे में:

अफसरों की मौत..आज भी एक 'रहस्य' अफसरों की मौत..आज भी एक 'रहस्य'
राहुल सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 12 अगस्त 2017,
  • अपडेटेड 12:52 PM IST

बिहार के बक्सर जिले के डीएम मुकेश कुमार पांडे ने गाजियाबाद में आत्महत्या कर ली. उनका शव रेलवे ट्रैक पर क्षत-विक्षत हालत में मिला. खुदकुशी से पहले उन्होंने सुसाइड नोट लिखा था. बाकायदा उन्होंने खुदकुशी की वजह से जुड़ा एक वीडियो भी बनाया था. दरअसल मुकेश अपनी पत्नी और मां-बाप के बीच होने वाले लड़ाई-झगड़े से परेशान थे. मुकेश की तरह ही देश के कई ऐसे IAS-IPS अधिकारी रहे हैं, जो कभी रहस्यमय तरीके से काल के गाल में समा गए तो कुछ ने पारिवारिक कलहों की वजह से मौत को गले लगा लिया. आपको बताते हैं ऐसे ही कुछ दिवंगत जांबाज अफसरों के बारे में:

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गोल्ड मेडलिस्ट IAS अफसर थे आशीष दहिया

मई 2017..ये इस साल का वो महीना था, जब देश ने एक नए काबिल आईएएस अफसर को खो दिया. हम बात कर रहे हैं, जम्मू-कश्मीर कैडर के आईएएस अफसर आशीष दहिया की. आशीष एक गोल्ड मेडलिस्ट थे. दिल्ली में आशीष की स्विमिंग पूल में डूबकर संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी. बताया जाता है कि घटना के समय आशीष दिल्ली में अपने दोस्त अभिमन्यु से मिलने गए थे. जिसके बाद आशीष, अभिमन्यु और कुछ दोस्त पूल साइड पार्टी कर रहे थे. पुलिस के मुताबिक, उस समय आशीष एक महिला अफसर को बचाने के लिए स्विमिंग पूल में कूदे थे, जिससे उसी समय उनकी मौत हो गई. आईएएस आशीष दहिया की मौत आज भी एक रहस्य बना हुआ है.

नहीं सुलझी IAS अनुराग तिवारी की मौत की गुत्थी

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17 मई, 2017 को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के एक अधिकारी की यूपी की राजधानी लखनऊ में सड़क किनारे बॉडी मिलने से प्रशासनिक अमला सकते में आ गया. पुलिस ने इसको 'रहस्‍यमय परिस्थितियों' में मौत कहा. मृतक आईएएस अधिकारी अनुराग तिवारी 2007 बैच के कर्नाटक कैडर के आईएएस थे. वह यूपी के बहराइच के रहने वाले थे. पुलिस के मुताबिक, उनकी बॉडी हजरतगंज इलाके में मीरा बाई गेस्‍ट हाउस के पास मिली थी. वह पिछले दो दिनों से यहां ठ‍हरे थे. तकरीबन दस साल के करियर में अनुराग का 7-8 बार तबादला किया गया था. पीड़ित परिजनों की मानें तो अनुराग कर्नाटक में हुए एक बड़े घोटाले को उजागर करने वाले थे. इसी सिलसिले में उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस केस की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे. बहरहाल सीबीआई अनुराग तिवारी की मौत के रहस्य को सुलझाने में लगी है.

एक और IAS की मौत की गवाह बनी राजधानी लखनऊ

यूपी की राजधानी लखनऊ साल 2016 में एक और दिलेर आईएएस अधिकारी की मौत की गवाह बनी थी. आईएएस अधिकारी संजीव दुबे ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या की थी. दुबे उस समय प्रमुख सचिव होमगार्ड के पद पर तैनात थे. दुबे का शव उनके कमरे में पंखे से लटका मिला. आत्महत्या की सूचना उनके नौकर ने पुलिस को दी थी. सूत्रों के मुताबिक, दुबे पिछले कई वर्षों से बीमार थे, जिसके कारण वह अवसाद का शिकार हो गए थे. बेदाग छवि के संजीव दुबे की गिनती सूबे के ईमानदार अफसरों में की जाती थी.

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IAS डी.के. रवि ने फांसी लगाकर की थी खुदकुशी

16 मार्च, 2015 को कर्नाटक में एक आईएएस अफसर ने भी अपने सरकारी आवास पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी. उस अफसर का नाम था डी.के. रवि. रवि कर्नाटक में वाणिज्य विभाग में अतिरिक्त आयुक्त के पद पर तैनात थे. उनकी पत्नी कुसुमा ने सबसे पहले उनके शव को पंखे से लटका हुआ देखा था. मामले की शुरूआती जांच के बाद पुलिस ने भी रवि की मौत को खुदकुशी बताया था, लेकिन परिजनों ने उनकी मौत को एक साजिश बताते हुए सीबीआई जांच की मांग की थी. डी.के. रवि अपने कार्यकाल में बेहद ईमानदार छवि के अफसर रहे हैं.

खुद की सर्विस रिवॉल्वर से हुई IPS शशि की मौत

तमिलनाडु में आईपीएस अफसर शशि कुमार की भी संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी. दरअसल शशि की खुद उनकी ही सर्विस रिवॉल्वर से गोली चलने की वजह से मौत हुई थी. गोली उनके सिर में लगी थी. शशि के नौकर के बयान के मुताबिक, घटना के समय शशि अपनी सर्विस रिवॉल्वर साफ कर रहे थे. अचानक रिवॉल्वर से गोली चली, जो सीधा उनके सिर में लगी. शशि की मौके पर ही मौत हो गई. शशि आंध्र प्रदेश के एक आदिवासी इलाके में तैनात थे. पुलिस इसे आत्महत्या से जोड़कर भी देख रही थी. शशि कुमार 2012 बैच के आंध्र प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी थे.

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