
दिल्ली की दीवारों को पोस्टर लगा कर गंदा करने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त हो गई है. पुलिस अब दिल्ली की दीवारों की सफाई में भी जुट गई है. इसके लिए दिल्ली पुलिस दूसरी एजेंसियों की भी मदद ले रही है.
दरअसल दिल्ली में एमसीडी के चुनाव हो रहे हैं. इसके लिए पूरे दिल्ली भर में तमाम पार्टियों के उम्मदीवारों ने दीवारों, मेट्रो पिलर या फिर जो भी खाली दीवार मिली वहां अपने पोस्टर चिपका दिए. दिल्ली पुलिस के मुताबिक ऐसा करने से दिल्ली बदरंग होती है. इस संबंध में 2007 में कानून भी बनाया गया था जिसे 2007 डिफेसमेंट एक्ट कहते हैं. इसके तहत एक साल की सजा या पचास हजार का जुर्माना या फिर दोनों की सजा का प्रावधान है.
पुलिस ना सिर्फ एमसीडी चुनाव से जुड़े पोस्टर बल्कि धार्मिक आयोजन, त्योहारों की मुबारकबाद से जुड़े पोस्टर को भी दूसरी एजेसियों के साथ मिलकर हटाने में जुट गयी है. जिसकी बानगी आप सेंट्रल दिल्ली के तमाम पिलर्स पर देख सकते हैं. जहां कई पोस्टर हटाये जा चुके हैं और कई जगह उनको जल्द हटा लिया जायेगा.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक पटेल नगर, रंजीत नगर, प्रसाद नगर व आसपास के इलाकों में पोस्टर चिपकाने वालों के खिलाफ पिछले दो दिनों में 15 से ज्यादा मुकदमे दर्ज किए हैं. इनमें ज्यादातर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेताओं के पोस्टर हैं, कुछ बीजेपी से भी जुड़े हैं. ऐसे ही दिल्ली के अलग-अलग जिलों में भी कई मुकदमे दर्ज हो चुके हैं.
अब तक दिल्ली पुलिस ने चुनावी बैनर पोस्टर चस्पा करने के मामले में 26 एफआईआर दर्ज की है और 115 बैनर, 85 होडिंग्स हटाये गए और 223 पोस्टर फाड़े गए.
लेकिन सवाल ये है कि पुलिस ये सख्त रुख कब तक बना के रख पाएगी. और आगे दर्ज केसों पर पुलिस किस तरह से काम करती है. ये भी देखने वाली बात होगी.