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रघुराम राजन को पढ़ाने वाले IIT प्रोफेसर आदिवासियों को दे रहे हैं मुफ्त शिक्षा

आलोक सागर, जिन्‍होंने आईआईटी दिल्‍ली से इंजीनियरिंग करने के बाद अमेरिका की मशहूर ह्यूसटन यूनिवर्सिटी से पीएचडी की पढ़ाई की. लेकिन आज वे मध्‍य प्रदेश के छोटे से गांव में आदिवासी बच्‍चों को पढ़ा रहे हैं.

आलोक सागर आलोक सागर

आलोक सागर, जिन्‍होंने आईआईटी दिल्‍ली से इंजीनियरिंग करने के बाद अमेरिका की मशहूर ह्यूसटन यूनिवर्सिटी से पीएचडी की पढ़ाई की. लेकिन आज वे मध्‍य प्रदेश के छोटे से गांव में आदिवासी बच्‍चों को पढ़ा रहे हैं.

उनके बारे में इतना जानना ही काफी नहीं है क्‍योंकि अपने बारे में उन्‍होंने कभी किसी को नहीं बताया. हाल ही में उनका नाम खबरों में तब छाया जब इंटेलिजेंस ने उनसे संदिग्‍ध व्‍यक्ति समझ अपनी पहचान बताने को कहा, बस फिर क्‍या था उनकी हाई एजुकेशन और लाइफस्‍टाइल को देखकर तो इंटेलिजेंस के लोग भी हैरान हैं. जानें उनके दिलचस्‍प सफर के बारे में:

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1. आआईटी दिल्‍ली में स्‍टूडेंट को पढ़ाने के दौरान उन्‍होंने कई स्‍टूडेंट्स को पढ़ाया, जिनमें से एक हमारे पूर्व गर्वनर रघुराम राजन का नाम शामिल है.

2. मूलत दिल्ली के रहने वाले आलोक सागर 26 सालों से बैतूल जिले में आदिवासी अधिकारों के लिए संघर्षरत हैं, वे भौरा तहसील के एक छोटे से गांव में झोपड़ी बना कर रहते है और बच्चों को पढ़ाते हैं.

3. 1990 से बैतूल जिले के एक ही छोटे से आदिवासी गांव कोचामाऊ में रह रहे हैं. वो अपनी इस शैक्षणिक योग्यता को छिपाए, जंगल को हर-भरा करने के अपने मिशन में लगे हैं क्योंकि वो अपनी उच्‍च शिक्षा उस आधार पर औरों से अलग नहीं खड़े होना चाहते थे.

4. उनका जीवन आज लोगों के लिए प्रेरणा बन गया है. उनके पास पहनने के लिए बस तीन कुर्ते हैं और एक साइकिल. उन्‍हें कई भाषाएं बोलनी आती है लेकिन न सबके बावजूद वे बस इन पिछड़े इलाकों में शिक्षा का प्रसार करने में लगे हैं.

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5. एक हिंदी वेबसाइट में छपी खबर के अनुसार आलोक सागर के छोटे भाई आज भी आईआईटी में प्रोफेसर हैं. उनकी मां मिरंडा हाउस में फिजिक्स की प्रोफेसर थीं और पिता इंडियन रेवेन्यू सर्विस में अधिकारी.

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