
मौजूदा भारतीय टीम में शीर्ष स्पिनरों रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा को स्थान नहीं मिला है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खिलाफ पांच वनडे मैचों की सीरीज के पहले तीन मैचों के लिए दोनों गेंदबाजों को बाहर रखा गया है. बताया जा रहा है कि बीसीसीआई की रोटेशन नीति के तहत चयनकर्ताओं ने अश्विन-जेडजा को आराम दिया है. लेकिन इन दोनों का बाहर रहना फैंस के बीच सुर्खियों में है. आइए उन तथ्यों पर नजर डालते हैं, जिनकी वजह से टीम इंडिया में ज्यादा फेरबदल नहीं किए गए.
चयनकर्ताओं की नजर में छाए युवा स्पिनर- चहल और अक्षर
अश्विन और जडेजा को टीम से बाहर रखने पर मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद अपनी बात कह चुके हैं. उन्होंने युवा स्पिनर- युजवेंद्र चहल और अक्षर पटेल को श्रीलंका में अच्छे प्रदर्शन का इनाम देते हुए इस सीरीज में भी मौका दिया है.
-चहल ने 4 वनडे मैचों में 5 विकेट लिए. उनकी गेंदबाजी औसत 4.70 रन प्रति ओवर रही. वहीं अक्षर ने कुल 6 विकेट लिए और 3.85 की औसत के साथ किफायती साबित हुए.
चैंपियंस ट्रॉफी में काम नहीं आई अश्विन-जडेजा की फिरकी
चैंपियंस ट्रॉफी में अश्विन और जडेजा की स्पिन जोड़ी कोई कमाल नहीं दिखा पाई थी. अश्विन उस टूर्नामेंट के दौरान तीन मैचों में सिर्फ एक विकेट ही ले पाए थे. उन्होंने 5.75 की औसत से रन खर्च किए.
उधर, जडेजा भी 5 मैचों में 5.92 की औसत से रन चुकाए और 4 विकेट ही ले पाए. और तो और फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ दोनों का प्रदर्शन बेहद खराब रहा था. दोनों ने 18 ओवरों में 137 रन दिए और उन्हें एक भी विकेट नहीं मिला.
अश्विन के लिए ऐसा सोचा चयनकर्ताओं ने-
अश्विन इन दिनों इंग्लैंड में वॉर्सेस्टरशायर के लिए काउंटी क्रिकेट खेल रहे हैं. माना जा रहा है अगले साल भारत के इंग्लैंड दौरे से पहले चयनकर्ता अश्विन को वहां की परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ करवाना चाहते हैं. भारतीय टीम 2018 में इंग्लैंड दौरे के दौरान (जुलाई-सितंबर 2018) 3 टी-20, 3 वनडे, 5 टेस्ट खेलेगी.