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मोदी सरकार का बड़ा फैसला, चीन-PAK सीमा पर सैटेलाइट से रखी जाएगी नजर

गृहमंत्रालय के सूत्रों की मानें, तो इस सैटेलाइट सिस्टम को लेकर गृहमंत्रालय से साथ ITBP, BSF, SSB और ISRO के अधिकारियों के बीच बैठक हो चुकी है.

घुसपैठ पर आसमान से नजर घुसपैठ पर आसमान से नजर
जितेंद्र बहादुर सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 31 अगस्त 2017,
  • अपडेटेड 10:08 AM IST

चीन और पाकिस्तान की सीमा पर लगातार हो रही घटनाओं के बीच भारत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. मोदी सरकार अब इन सीमाओं पर सैटेलाइट के जरिए नजर रखेगी. जिसके जरिए भारत के खिलाफ हो रही गतिविधियों पर ITBP, BSF को बिल्कुल रियल टाइम एरियल जानकारी मिल पाएगी. कहा जा रहा है कि इस पूरी गतिविधि पर नजर रखने के लिए दिल्ली-एनसीआर में मुख्यालय भी बन सकता है.

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गृहमंत्रालय के सूत्रों की मानें, तो इस सैटेलाइट सिस्टम को लेकर गृहमंत्रालय से साथ ITBP, BSF, SSB और ISRO के अधिकारियों के बीच बैठक हो चुकी है. साफ है अगर ये सिस्टम काम में आता है तो भारत-पाकिस्तान, भारत-बांग्लादेश, भारत-चीन, भारत-नेपाल बॉर्डर पर होने वाली घुसपैठ पर रोक लगेगी.

सिस्टम आने से डोकलाम जैसी घटनाओं, पाकिस्तान की ओर से लगातार आतंकवादियों की घुसपैठ और बांग्लादेश बॉर्डर से होने वाली तस्करी पर नजर रखी जाएगी. एनसीआर में बनने वाला मुख्यालय सीमाओं पर तैनात फोर्स के लिए कंट्रोल रुम के तौर पर वर्क करेगा. जिसके जरिए कई कमांड दिए जा सकेंगे.

बॉर्डर गार्डिंग करने वाले सुरक्षा बलों को क्या कहा होगा फायदा-

1. बॉर्डर पर हो रही गतिविधियों की रियल टाइम इमेज (डे एंड नाईट) मिल सकेगी.

2. सुरक्षा बलों को इंटेलिजेंस हासिल करना होगा आसान.

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3. सैटेलाइट पर लगे कैमरों से निर्धारित जगह को फोकस करके ऑपरेशन करने में मिलेगी मदद.

4. बॉर्डर पर कम्युनिकेशन के लिए भी करेगा मदद.

5. सेटेलाइट फ़ोन डेडिकेटेड बॉर्डर गार्डिंग फ़ोर्स के पास इस उपग्रह के जरिये मिल सकेगा.

 

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