
दिल्ली में किस पार्टी की सरकार बनेगी? कौन होगा दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री? और क्या इस बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी? जाहिर तौर पर इन सारे सवालों के पुख्ता जवाब 10 फरवरी को ही मिलेंगे. लेकिन शनिवार को दिल्ली में रिकॉर्ड 67.08 फीसदी वोटिंग ने कई चीजें साफ कर दी हैं. मतदान के ठीक बाद इंडिया टुडे ग्रुप-सिसेरो ने दिल्ली की नब्ज टटोलने की कोशिश की और जो आंकड़े सामने आए, वह 'अबकी बार केजरीवाल सरकार' के आसार बना रहे हैं.
वोट शेयर में भी बढ़ोतरी
आंकड़ों से केजरीवाल गदगद!
एग्जिट पोल के नतीजों से आम आदमी पार्टी के खेमे में उत्सव सा माहौल है. 'आप' संयोजक और पार्टी की ओर से सीएम उम्मीदवार अरविंद केजरीवाल आंकड़ों से काफी गदगद नजर आ रहे हैं. उन्होंने ट्वीट कर कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया है और उम्मीद जताई कि नतीजे भी एग्जिट पोल के तर्ज पर ही आएंगे.
हर परिणाम की जिम्मेदारी के लिए तैयार: किरण बेदी
बीजेपी की सीएम प्रत्याशी फिर एग्जिट पोल के आंकड़ों पर भरोसा नहीं जता रही हैं. बेदी का कहना है कि चुनाव में बीजेपी के पक्ष में वोट पड़े हैं और उन्हेें पूरी उम्मीद है कि जीत बीजेपी की ही होगी. हालांकि किरण बेदी ने यह भी कहा कि वह दिल्ली चुनाव में बीजेपी की नेता रही हैं और जो भी परिणाम आएगा, वह उसकी जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार हैं.
क्या और क्यों फिसली बीजेपी!
वोटिंग के ठीक बाद जिस तरह के आंकड़े सामने आ रहे हैं, उसमें बीजेपी दिल्ली की दौड़ में पिछड़ती नजर आ रही है. वोटरों के मिजाज या यह कहें कि एग्जिट पोल के नतीजों की बाबत विशेषज्ञों का भी मानना है कि बीजेपी बीजेपी छूट गई है. विशेषज्ञ मानते हैं कि चुनाव के दौरान और उससे पहले पार्टी ने कई गलतियां की हैं, जिसका खामियाजा उसे चुनाव परिणाम के तौर पर भुगतना पड़ सकता है.
विशेषज्ञों के मुताबिक, 'दिल्ली चुनाव में देरी के कारण भी बीजेपी को बड़ा नुकसान हो सकता है. इसके अलावा अपने नेताओं को भूलकर बाहरी नेताओं पर विश्वास करने के कारण पार्टी ने अपने अंदर के लोगों को नाखुश किया, जो हार में परिणत हो सकता है.'