
कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए 12 मई को मतदान से पहले राज्य की सियासी, सामाजिक और आर्थिक आबोहवा पर मंथन के लिए बेंगलुरु में सजा है एक महामंच, इंडिया टुडे ग्रुप का ‘कर्नाटक पंचायत’. इस मौके पर राजनीतिक दिग्गजों, कारोबार जगत के कैप्टनों के साथ-साथ नौकरशाह, टेक्नोक्रेट्स, जानी-मानी हस्तियां और दूसरों पर गहरी छाप छोड़ने वाली कई शख्सियतें भी दिनभर मौजूद रहेंगी.
ग्यारहवां सत्र: विल लोटस ब्लूम इन कर्नाटक?
इस सत्र के दौरान बीजेपी नेता सदानंद गौड़ा ने कहा कि कर्नाटक में बीजेपी सरकार के कार्यकाल के दौरान एक भी ऐसी किलिंग नहीं हुई जैसी कांग्रेस के कार्यकाल में देखने को मिल रही है. वहीं कांग्रेस नेता राजीव गौड़ा का दावा है कि राजनीतिक हत्या विपक्ष में बैठी बीजेपी की साजिश है और जब वह सत्ता में आ जाएगी ऐसे कत्ल बंद हो जाएंगे.
वहीं कर्नाटक में गौरी लंकेश की हत्या पर राजीव ने कहा कि मामले में एक गिरफ्तारी की जा चुकी है और आगे की इंवेस्टिगेशन जारी है. जांच पूरी होते ही देश के सामने सभी गुनहगार होंगे. हालांकि सदानंद गौड़ा ने कहा कि मौजूदा कांग्रेस सरकार रिमोट कंट्रोल से चल रही है वहीं राज्य के होम मिनिस्टर इस मामले में कुछ नहीं कर सकते. इसके चलते राज्य में 25 से ज्यादा राजनीतिक हत्याओं को अंजाम दिया जा चुका है.
दसवां सत्र: द बिग कर्नाटका फेस ऑफ
इंडिया टुडे कर्नाटक पंचायत के अहम सत्र द बिग कर्नाटका फेस ऑफ में बीजेपी नेता गजेन्द्र प्रसाद शेखावत और कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद ने शिरकत की. इस सत्र का संचालन इंडिया टुडे के मैनेजिंग एडिटर राहुल कंवल ने किया.
इस सत्र के दौरान राहुल ने मुद्दा रखा कि आगामी कर्नाटक चुनाव में आम जनता और नेताओं के मुद्दों में कनेक्ट नहीं है. राहुल ने सवाल किया कि कौन इस डिसकन्क्ट के लिए जिम्मेदार है? इस सवाल के जवाब में गजेन्द्र प्रसाद ने कहा कि कर्नाटक को सिर्फ बंगलुरु नहीं समझना चाहिए. दोनों अलग हैं दोनों और के लिए अलग-अलग स्तर पर सोचने की जरूरत है. गजेन्द्र प्रसाद ने कहा कि 2014 के बाद बीजेपी सिर्फ विकास के एजेंडा पर काम कर रही है और उसे देश एक हर कोने में सरकार बनाने का मौका मिल रहा है.
वहीं इस सवाल पर कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद ने कहा कि राजनेता जो मुद्दे बना रहे हैं या आम जनता जिन मुद्दों की बात कर रही है उनमें डिस्कनेक्ट संभव नहीं क्योंकि नेता सिर्फ आम जनता की परछाई है. वहां सरकार की यह जिम्मेदारी है कि उन मुद्दों के छुए जो आम आदमी द्वारा उठाए जा रहे हैं इसीलिए कर्नाटक में सिद्धारमैया सरकार अपनी वापसी के लिए कॉन्फिडेंट है.
क्या कर्नाटक में योगी दे रहे यूपी मॉडल?
वहीं कर्नाटक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रचार पर सवाल खड़ा करते हुए राहुल ने पूछा कि क्या यह सही है कि देश के एक पिछड़े राज्य का मुख्यमंत्री एक विकसित राज्य को डेवलपमेंट पर भाषण दे. इस सवाल पर गजेन्द्र प्रसाद ने कहा कि जिन मुख्यमंत्रियों के चलते उत्तर प्रदेश पिछड़ा है वह अब सत्ता में नहीं है. उत्तर प्रदेश को उनके हाथ से निकालने का काम योगी आदित्यनाथ ने किया लिहाजा वह देश के सबसे बड़े राज्य के साथ सभी राज्यों को आगे का रास्ता दिखाने के लिए उपर्युक्त हैं.
जनधन योजना में सिर्फ बैंक अकाउंट गिन रही बीजेपी
इस सत्र के दौरान बीजेपी नेता ने दावा किया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में इतनी बड़ी संख्या में लोगों का जनधन खाता खोला गया. हालांकि इस दावे पर कांग्रेस नेता ने दलील दी कि जनधन योजना का मकसद सिर्फ खाता खोलने का नहीं है. यह देखा और बताया जाना चाहिए कि कितने लोगों को इस योजना के तहत फायदा पहुंचाया गया है.
कहां है स्मार्ट सिटी और आदर्श ग्राम
कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद ने कहा कि मोदी सरकार सिर्फ खोखले वादे और झूठे आंकड़े पेश कर रही है. केन्द्र सरकार के कार्यकाल को 4 साल पूरे हो चुके हैं लेकिन मोदी सरकार का सबसे पहला वादा कि वह प्रति संसदीय क्षेत्र में चार आदर्श ग्राम बनाएंगे में पूरी तरह से विफल हुई है. जितिन ने कहा कि मोदी सरकार ने देशभर में 100 स्मार्ट सिटी की ढ़िंढ़ोरा पीटा लेकिन चार साल के बाद स्मार्ट सिटी सिर्फ प्रधानमंत्री कार्यालय की फाइलों में मौजूद है.
नवां सत्र: गार्डेन सिटी टू गार्बेज सिटी
इंडिया टुडे कर्नाटक पंचायत के अगम सत्र गार्डेन सिटी टू गार्बेज सिटी में अर्बन एक्सपर्ट आर के मिश्रा, ब्रांड एक्सपर्ट हरीश बुजूर, कांग्रेस प्रवक्ता ब्रिजेश कलप्पा ने शिरकत की. इस सत्र के दौरान बंगलुरु के ट्रैफिक जैम की समस्या पर ब्रिजेश ने कहा बंगलुरु में ट्रैफिक जाम और गंदगी हमें पूर्व की बीजेपी सरकार से विरासत में मिला है. लेकिन बीते 5 साल के दौरान कांग्रेस सरकार ने शहर की दिक्कतों को दूर करने में सफलता पाई है. इसमें मेट्रो बनाने का फैसला एक अहम कदम है.
इस सत्र के दौरान अर्बन एक्सपर्ट आर के मिश्र ने कहा कि शहर की समस्याओं के लिए जरूरी है कि हम राजनीति से ऊपर उठकर इस विषय पर बात करें. मिश्रा ने कहा कि बंगलुरु बीते 15 साल से सुविधाओं में गिरावट देख रहा है. यह इसके बावजूद है कि यह शहर पूरे राज्य की अर्थव्यवस्था का आधे से अधिक कंट्रीब्यूट करता है.
बंगलुरु के मेयर आर संपथ राज ने कहा कि बीते कुछ दशकों में बंगलुरु में जनसंख्या कई गुना बढ़ चुकी है. शहर दोनों लंबाई और चौड़ाई में बढ़ चुका है. इसी के साथ शहर को संभालने की चुनौती में भी इजाफा देखने को मिला है. कांग्रेस प्रवक्ता ब्रिजेश ने कहा कि मौजूदा समय में कई संस्थाएं और सरकारें मिलकर एक चुनौती से निपटने का काम कर रही हैं. जिस तरह गंगा की सफाई में कई ताकतें लगी हैं उसी तरह बंगलुरु की लाइफलाइन लेक की सफाई भी की जानी चाहिए.
बंगलुरु में अभी भी कूड़ा और पत्तियां जलाई जा रही है. यह काम सरकारी विभाग के साथ-साथ सेना तक करती है. यहां तक कि नागरिक खुद नियमों की नहीं सुनता. ट्रैफिक नियमों को कोई मानता नहीं है. शहरों का संचालन अब सिर्फ सरकार के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता. इसमें सभी की भागीदारी की जरूरत है और सरकार को इतना करने की जरूरत है कि शहर के संचालन में आए लोगों की आवाज को वह सुने.
आठवां सत्र: दि आईटी वे टु विन
इंडिया टुडे कर्नाटक पंचायत के अगम सत्र दि आईटी वे टु विन में कांग्रेस सोशल मीडिया हेड दिव्या स्पंदना और बीजेपी के आईटी हेड अमित मालवीय ने शिरकत की. इस सत्र का संचालन इंडिया टुडे के मैनेजिंग एडिटर राहुल कंवल ने किया.
राहुल कंवल ने सवाल किया कि कर्नाटक चुनाव जीतने के लिए बीजेपी की क्या सोशल मीडिया स्ट्रैटेजी है? अमित मालविया ने कहा कि कर्नाटक सोशल मीडिया पर सबसे एक्टिव राज्यों में एक है. वहीं राइट विंग की राजनीति में भी कर्नाटक का एक खास महत्व है. इन दोनों के साथ अमित शाह के नेतृत्व में बीजेपी इस चुनाव को जीतने जा रही है.
हालांकि काग्रेस की स्ट्रैटेजी पर स्पंदना ने कहा कि कांग्रेस सोशल मीडिया पर पहले से ही जीत रही है और इसका श्रेय अमित शाह को जाता है, उनके उलटे-सीधे बयान या स्लिप ऑफ टंग को गेमचेंजर कहा जा सकता है. स्पंदना ने बताया कि किस तरह उन्होंने कांग्रेस की सोशल मीडिया स्ट्रैटेजी बनाने का काम किया. स्पंदना ने कहा कि पहले उनके महिला होने पर सवाल उठा लेकिन राहुल गांधी के नेतृत्व ने उनकी इन चुनौतियों को दूर किया जिससे वह आज कांग्रेस के लिए काम कर रही हैं.
अमित मालविया ने कहा कि कांग्रेस और कैम्ब्रिज एनालिटिका से साफ हो गया है कि कांग्रेस कितनी बेचैन है. इस आरोप पर स्पंदना ने दावा किया कि उनकी पार्टी का कैम्ब्रिज एनालिटिका से कोई लेनादेना नहीं रहा है. अमित मालविया ने कहा कि दिव्या ने खुद विदेशी अखबार को दिए इंटरव्यू में माना है कि उनकी पार्टी ने कैम्ब्रिज एनालिटिका के साथ काम किया है.
इस सत्र के दौरान दोनों दलों के सोशल मीडिया प्रभारियों में राहुल गांधी के ट्वीट को लेकर नोकक्षोक हुई. अमित ने कहा कि राहुल गांधी जब जेस्ट बुक में लिखने के लिए मोबाइल का सहारा ले रहे हैं, कर्नाटक में रैली के दौरान विश्वेस्वरैया नहीं बोल पाते वह कैसे इतने ट्वीट कर रहे हैं. इस आपत्ति पर स्पंदना ने दावा किया राहुल गांधी अपने सभी ट्वीट खुद करते हैं.
क्या भारत के चुनावों में पाकिस्तान और चीन हस्तक्षेप कर सकते हैं के सवाल पर अमित ने कहा कि कैम्ब्रिज एनॉलिटिका के बाद इसकी संभावना कम है कि बाहरी देश हस्तक्षेप कर सकें. देश की सुरक्षा एजेंसियां ऐसे किसी हस्तक्षेप को रोकने के लिए सक्षम हैं. हालांकि स्पंदना का दावा है कि आगामी चुनावों में बाहरी हस्तक्षेप देखने को मिलेगा.
सातवां सत्र: लॉ एंड ऑर्डर इन कर्नाटक
कर्नाटक में बीते 5 साल के दौरान सेलेक्टिव और कास्ट आधारित ट्रांसफर ने पुलिसबल को कमजोर किया है. पुलिस को काम करने के लिए और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्वतंत्र नहीं किया गया है. इसके चलते राज्य में लोगों में असुरक्षा का भाव है. यह दावा किया राज्य के पूर्व डीजी और आईजीपी शंकर बिदारी ने किया.
इस सत्र के दौरान आईजीपी होमगार्ड डी रूपा ने कहा कि समस्या पुलिस बल के साथ है. ज्यादातर अधिकारियों को सुविधा की पोस्टिंग की दरकार रहती है. ऐसी स्थिति में वह अपनी जिम्मेदारी से कंप्रोमाइज करने के लिए तैयार हो जाता है. हालांकि डी रूपा ने कहा कि सरकारी अधिकारियों के लिए लिस्ट सिस्टम का प्रावधान है जहां एक राजनेता किसी अधिकारी को अपने क्षेत्र में तैनात होने के लिए कह सकता है. वहीं बार-बार ट्रांसफर की जाने वाली डी रूपा ने कहा कि ट्रांसफर नौकरी का हिस्सा है और अधिकारी का ट्रांसफर कहीं भी किया जाए सैलरी उसे मिलती है.
इस सत्र के दौरान ग्लोबल कंसर्न इंडिया की डायरेक्टर ब्रिंदा अदिगे ने कहा कि पुलिस के काम काज में हस्तक्षेप की बड़ी समस्या है. हमें आज सवाल पूछने की जरूरत है कि क्या हमारी सरकार को महिलाओं, बच्चों की फिक्र होती है? हालांकि डी रूपा ने कहा कि यह अधिकारी के ऊपर निर्भर करता है कि वह किस तरह से राजनीतिक दबाव को टालने का काम करे.
छठवां सत्र: कर्नाटक का किंग कौन?
इंडिया टुडे कर्नाटक पंचायत के सत्र कर्नाटक का किंग कौन में कांग्रेस नेता राज बब्बर और बीजेपी नेता संबित पात्रा ने शिरकत की. इस सत्र का संचालन इंडिया टुडे के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई ने किया. सरदेसाई ने राज बब्बर से पूछा कि आखिर कांग्रेस किस आधार पर दावा कर रही है कि वह कर्नाटक में सरकार बनाएगी? राज बब्बर ने कहा कि कांग्रेस कार्यकाल के दौरान किसानों के लिए लिए गए फैसले, राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में उठाए गए फैसले राज्य के हित में है और इसीलिए कांग्रेस एक बार फिर अपनी सरकार बनाएगी.
मुस्लिम अपराधियों को छोड़ने का काम हो रहा: संबित पात्रा
संबित पात्रा ने कहा कि कर्नाटक के लोग आजाद होना नहीं चाहते. कर्नाटक को सिर्फ विकास चाहिए. वहीं कर्नाटक में सबसे ज्यादा किसान आत्महत्या कर रहे हैं और कांग्रेस मुख्यमंत्री उसकी चर्चा तक नहीं करते. संबित पात्रा ने कहा कि सिद्धरम्मैया सरकार पांच साल तक सो रही थी अब वोटर उन्हें विपक्ष में भेजकर नींद से उठाएंगे. संबित पात्रा ने कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने मुस्लिम अपराधी को सिर्फ इसलिए छोड़ने का काम किया कि वह मुसलमान हैं.
कर्नाटक को चाहिए धर्म से आजादी: राज बब्बर
संबित पात्रा ने कहा कि कर्नाटक में फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता के तहत चुनाव नहीं जीता जा सकता है. वहीं कांग्रेस ने महज चुनाव के चलते मंदिर का रास्ता चुना है, कांग्रेस के नेता जनेऊ खोज रहे हैं वहीं बीजेपी ने राज्य में अपना संगठन मजबूत किया है. राज बब्बर ने कहा कि कर्नाटक हनुमान की जमीन है और इसी जमीन पर भगवान राम की मुलाकात हनुमान से हुई थी. वहीं राज्य की आजादी पर संबित पात्रा के बयान पर राज बब्बर ने कहा कि दरअसल बीजेपी का देश की आजादी से कोई लेना देना नहीं रहा है इसलिए वह अब आजादी की बात कर रही है. राज बब्बर ने कहा कि कर्नाटक को एक धार्मिक आजादी की जरूरत है. संबित पात्रा ने कहा कि यह मोदी जी के अच्छे दिन आ चुके हैं क्योंकि अब कांग्रेस भी हनुमान चालीसा का पाठ करने पर मजबूर हो चुकी है.
सोनिया और राहुल के परिवार से कौन आजादी की लड़ाई में था?
इस सत्र के दौरान संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस किस मुंह से आजादी की लड़ाई की बात कर रही है. आखिर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के परिवार का कौन सा सदस्य आजादी की लड़ाई लड़ रहा था. संबित ने कहा कि राहुल गांधी टीपू सुल्तान की महानता का गान गा रहे थे लेकिन फिर लिंगायत के मुद्दे पर उनकी जुबान थम गई.
संविधान में सेक्युलर शब्द क्यों जोड़ा गया: संबित पात्रा
इस सत्र के दौरान अनंत कुमार हेगड़े के बयान पर बीजेपी चुप क्यों है पर संबित पात्रा ने कहा कि देश के संविधान को बदला नहीं जा सकता है. वहीं अनंत के बयान पर पात्रा ने कहा कि भारत ही नहीं पूरी धरती से किसी समुदाय को हटाने का काम नहीं किया जा सकता. हमें अंबेडकर के उस बयान को देखना चाहिए जहां वह कहते हैं कि भारत एक सेक्युलर सोच वाली सभ्यता है फिर कांग्रेस सरकार ने क्यों सेक्युलर शब्द को संविधान में जोड़ने का काम किया?
बीजेपी मूर्तियों को तोड़कर आस्था को खंडित कर रही है?
राज बब्बर ने कहा कि संविधान के उद्देशिका में सेक्युलर शब्द को जोड़ा गया है. क्या अंबेडकर ने इस शब्द को लिखने से मना किया था. लेकिन बीजेपी का यह दावा कि संविधान को नहीं बदला जा सकता है का आशय सिर्फ इतना है कि वह संविधान की मूल अवधारणा को बदलने की तैयारी में है. बीजेपी की राजनीति ही मूर्तियों को खंडित कर आस्था को खंडित करने की है.
अंबेडकर के नाम पर आपत्ति लेकिन सिद्धारमैया में राम कैसे?
संबित पात्रा ने कहा कि 2016 में कर्नाटक के मुख्यमंत्री दावा करते हैं कि वह एक नास्तिक हैं. लेकिन इसके कुछ ही दिनों बाद दावा करते हैं कि उनके नाम में राम निहित है. लेकिन वहीं कांग्रेस पार्टी बाबा साहेब अंबेडकर के नाम में राम की मौजूदगी पर सवाल खड़ा करते हैं. संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस को राम और हनुमान इसलिए याद आ रहा है क्योंकि उनकी नांव डूबने जा रही है और अब उन्हें भगवान याद आ रहा है.
हिंदी, हिंदू और हिंदुस्तान?
क्या दक्षिण भारत में बीजेपी का राजनीति नहीं चल रही है? इस सवाल के जवाब में संबित ने कहा कि बीजेपी नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में न सिर्फ जीत कर आई है बल्कि वह सरकार भी बना रही है. क्या बीजेपी की लोकप्रियता नहीं जाहिर होती है. इसीतरह बीजेपी कर्नाटक के लोगों के साथ और उनकी अस्मिता के साथ खड़ी है और आगामी चुनावों में लोग बीजेपी को सरकार बनाने का मौका देंगे.
पांचवा सत्र: बैटल फॉर कर्नाटक प्राइड
इंडिया टुडे कर्नाटक पंचायत के अहम सत्र के दौरान कांग्रेस नेता दिनेश गुंडू राव, डीवी सदानंद गौडा, तनवीर अहमद और एक्टर प्रकाश बेलावडी ने शिरकत की. इस सत्र के दौरान लिंगायत मुद्दे पर चर्चा की गई. इस सत्र के दौरान लिंगायत नेता जगदीश शेट्टार ने कहा कि इस मामले पर फैसला केन्द्र सरकार को करना है.
शेट्टार ने कहा कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में लिंगायत के मुद्दे पर स्वतंत्र कोर्ट की मांग को खारिज कर दिया गया था. वहीं इस सत्र के दौरान दिनेश गुंडु राव ने कहा कि लिंगायत एक अलग धर्म है. लेकिन यदुरप्पा इस बात से इत्तेफाक नहीं रखते तो उन्हें खुलकर सामने आने की जरूरत है.
इस सत्र के दौरान जनता दल एस नेता तनवीर अहमद ने कहा कि मौजूदा सिद्धारम्मैया की सरकार के दौरान राज्य में क्राइम में बड़ा इजाफा हुआ है. तनवीर ने कहा मौजूदा सरकार ने सिर्फ राज्य में हिंदी पपर प्रतिबंध लगाने और राज्य को एक झंडा देने के अलावा क्या योगदान किया है. मौजूदा समय में गन्ना किसान आत्महत्या कर रहा है और सरकार चाहती है कि लोग राज्य का झंड़ा ऊंचा करके रखे.
लिंगायत मुद्दे पर एक्टर प्रकाश बेलावडी ने कहा कि मौजूदा सरकार के द्वारा दिए गए राज्य के झंड़े से पहले से कर्नाटक का ध्वज रहा है. इसी तरह यदि मौजूदा सरकार लिंगायत को मान्यता दें न दें, लिंगायत धर्म हमेशा से रहा है. लेकिन मौजूदा समय में यह बहस सिर्फ चुनावों को देखते हुए उठाया जा रहा है.
चौथा सत्र: दि कल्चर वॉर
इस सत्र के दौरान प्रकाश राज ने कहा कि जब हम हिंदुत्वा की बात करते हैं तो उसमें सभी धर्म, आस्था के सम्मान की बात करते हैं लेकिन बीजेपी इसे सिर्फ रिचुअल में सीमित कर रही है. प्रकाश राज ने कहा कि कर्नाटक बीजेपी के हिंदुत्वा को नकार देगी. प्रकाश राज ने कहा कि मोनोकल्चर काम नहीं करता है.
उदाहरण के लिए देखिए चिड़िया हजारों किलोमीटर का सफर करती हैं क्योंकि नेचर ने उन्हें इसके लिए तैयार किया है. उसी तरह इंसानों के लिए भी नियम है कि उन्हें एक दूसरे के साथ मिलजुल कर रहने की जरूरत है. लेकिन बीजेपी का हिंदुत्वा इस बात की गवाही नहीं देती.
वहीं इस सत्र के दौरान एक्ट्रेस और बीजेपी नेता मालविका अविनाश ने कहा कि हिंदू होने का मतबल है कि सभी धर्मों के प्रति सम्मान रखने की जरूरत है. मालविका ने कहा कि हिंदू धर्म टॉलरेंट है. लेकिन इस बयान पर प्रकाश राज ने कहा कि हिंदू धर्म टॉलरेंट है लेकिन बीजेपी के नेता अपने बयानों में इस टॉलरेंस को भूल जाते हैं. बीजेपी की कोई विचारधारा नहीं है. वह संघ की विचारधार पर काम करती है. प्रकाश ने कहा कि केन्द्रीय बीजेपी मंत्री हेगड़े एक कम्युनिटी के सफाए की बात करते हैं लेकिन पार्टी की तरफ से इसपर कोई सफाई नहीं दी गई.
बाबुल सुप्रियों ने कहा कि यदि हम अपने धर्म का सम्मान नहीं करेंगे तो दूसरों के धर्म का सम्मान कैसे कर सकते हैं. यदि मुसलमान बस्ती में सुअर का मांस नहीं बेचा जाता है तो उसी तरह हिंदुओं के सामने गाय का मांस नहीं बेचा जाता चाहिए. प्रकाश राज ने कहा कि बीजेपी को कल्चर और अनकल्चर के फर्क को समझने की जरूरत है.
बीजेपी को मेरे नास्तिक होने से समस्या: खुशबू
इस सत्र के दौरान खुशबू सुंदर ने कहा कि हिंदुत्व नहीं इंसानियत एक सभ्यता है. लिहाजा, बाबुल का हिंदुत्व को सभ्यता बताना गलत है. खुशबू ने कहा कि बीजेपी वन नेशन और वन रिलिजन की धारणा पर काम कर रही है लेकिन इसे किसी हालत में सफल नहीं होने दिया जाएगा. वहीं अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार पर खुशबू ने कहा कि वह सरकार देश की सबसे महत्वपूर्ण सरकार थी लेकिन अब लोगों को बांटने का काम किया जा रहा है. खुशबू ने कहा कि बीजेपी को सभी जगह समस्या दिखाई देता है. खुशबू ने दावा किया कि बीजेपी को उनके नास्तिक होने से समस्या है. खुशबू ने कहा कि यदि मैं घर में पोर्क या बीफ खाऊं इससे बीजेपी को क्यों समस्या है.
सबका साथ सबका विकास?
इस सत्र के दौरान नीरव मोदी घोटाले पर उठे सवाल के जवाब में खुशबू ने कहा कि बीजेपी सरकार के नारे कि सबका साथ सबका विकास में उन्हे्ं देश का नहीं सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी का विकास हो रहा है. इस सत्र के दौरान मालविका ने खुशबू से पूछा कि आखिर वह ट्रिपल तलाक पर क्या सोचती हैं. खुशबू ने कहा कि महिलाओं के पक्ष में उनका मानना है कि बात किसी धर्म की क्यों नहीं हो, यदि शादी नहीं चल पा रही है तो उसका खत्म होना जरूरी है. हालांकि मालविका ने कहा कि कर्नाटक चुनावों में बीजेपी का सिर्फ एक नारा है सबका साथ सबका विकास.
प्रकाश राज ने कहा कि बीजेपी को कुछ करना नहीं है. उसकी समस्या है कि वह सुनना नहीं चाहती, वह बहस नहीं चाहती और बीजेपी सिर्फ बात करना चाहती है. टीपू जयंती मनाए जाने पर प्रकाश ने कहा कि वह सेकुलरिज्म सेलिब्रेट करना चाहते हैं क्योंकि बीजेपी इसके लिए तैयार नहीं है. उसे देश को बांटने का काम करना है और वही काम वह करेगी.
तीसरा सत्र: फ्यूचर ऑफ इंडियाज आईटी हब
इंडिया टुडे कर्नाटक पंचायत के अहम सत्र फ्यूचर ऑफ इंडियाज आईटी हब में प्रियांक खड़गे, श्रीधर पब्बीसेट्टी और टीवी मोहनदास पाई ने शिरकत की. इस सत्र का संचालन इंडिया टुडे के मैनेजिंग एडिटर राहुल कंवल ने किया.
दिल्ली, गुड़गांव और हैदराबाद बंगलुरू के मुकाबले तैयार: मोहनदास पई
राहुल ने सत्र की शुरुआत राज्य के आई हब के सामने खड़ी चुनौतियों पर सवाल से की. प्रियांक ने कहा बंगलुरू अब सर्विस इंडिस्ट्री के स्तर से ऊपर उठकर आरएंडडी इंडस्ट्री की तरफ आगे बढ़ चुका है. आज राज्य में इनोवेशन की दिशा में अच्छा करने का काम किया जा रहा है. मोहनदास पाई ने कहा कि बीते कुछ वर्षों में बंगलुरू में स्थिति खराब हुई है. गुड़गांव, दिल्ली और हैदराबाद तेजी से बराबरी कर रहा है. बीते पांच साल के दौरान इस शहर की स्थिति कमजोर हुई है.
आईटी में दिग्गज लेकिन सुविधाओं की चुनौती है बंगलुरू?
श्रीधर पब्बीसेट्टी ने कहा कि बीते 2-3 साल में बजट से अच्छा पैसा आईटी हब को मजबूत करने के लिए खर्च किया गया लेकिन इससे अधिक खर्च करने की जरूरत है. आज बंगलुरू दुनिया में आईटी हब के क्षेत्र में 8वें नंबर पर है और यह बड़ी उपलब्धि है. वहीं नौकरी देने के नाम पर आज बंगलुरू का कोई जवाब नहीं है. यही बंगलुरू की चुनौती भी है. जिस तरह आज बंगलुरू में नौकरी देने की क्षमता है उस तरह उतनी बड़ी जनसंख्या को सपोर्ट करने के लिए शहर को और तैयार करने की जरूरत है.
बंगलुरू के सामने जल संकट?
श्रीधर पब्बीसेट्टी ने कहा कि सिर्फ कर्नाटक में आईटी डिपार्टमेंट सभी सेक्टर्स में प्रोएक्टिव काम कर रहा है और ऐसा किसी अन्य राज्य में देखने को नहीं मिलता. हालांकि शहर में पानी की दिक्कतों पर राहुल ने पूछा कि क्या शहर के सामने जल संकट खड़ा है और सरकार उससे बचने के लिए क्या कर रही है.
प्रियांक ने कहा कि बंगलुरू पेंशन धारकों के लिए भी सपनों का शहर है. हालांकि शहर का जल संकट इतना वृहद भी नहीं है जितना दावा किया जा रहा है. प्रियांक ने कहा कि सरकार ने कई जल श्रोतों पर काम किया है और इस संकट को टालने के लिए राज्य सरकार तैयार है.
श्रीधर ने कहा कि पूर्व के मुख्यमंत्रियों ने राज्य में हमेशा आईटी क्षेत्र को बढ़ाने का काम किया है. हालांकि मोहनदास पई ने कहा कि हमें बंगलुरू को और मजबूत करने के लिए गुड गवर्नेंस की ओर बढ़ना होगा. मेट्रो से बंगलुरू में बड़ा सुधार होगा लेकिन इस काम को दो साल पहले पूरा कर लिया जाना चाहिए था. लिहाजा, शहर के लिए बेहद जरूरी है कि प्लानिंग समय की जरूरत के हिसाब से की जाए.
विरोध कीजिए और मुख्यमंत्री के साथ चाय पीजिए: मोहनदास
कर्नाटक में यदि कोई मुख्यमंत्री की शिकायत करता है तो शाम को उसे मुख्यमंत्री के ऑफिस से चाय का निमंत्रण पहुंच जाता है. वहीं अन्य राज्यों में जैसे कोलकाता में विरोधियों की पिटाई कर दी जाती है, तमिलनाडु में भी ऐसा ही होता है. लिहाजा यह कर्नाटक की सबसे बड़ी खासियत है.
दूसरा सत्र: कांग्रेस बनाम बीजेपी?
इंडिया टुडे पंचायत के अहम सत्र में कांग्रेस नेता सचिन पायलट और बीजेपी नेता और केन्द्रीय मंत्री बाबुल सुप्रिया ने शिरकत की. इस सत्र का संचालन इंडिया टुडे के मैनेजिंग एडिटर राहुल कंवल ने किया. बाबुल सुप्रियो ने कहा कि राहुल गांधी उन जगहों पर जा रहे हैं जहां बीते 60 साल में कोई गया नहीं है. ऐसा वह एक मैप के आधार पर कर रहे हैं जो उन्हें पार्टी की तरफ से दिया गया है.
बाबुल ने कहा कि हमें कांग्रेस की तरह दिखावा करने की जरूरत नहीं और न ही कांग्रेस को हमारी नकल पर चलना चाहिए. वहीं खाल खींचने वाले बयान पर बाबुल सुप्रियो ने कहा कि वह हिप्पोक्रेट नहीं हैं. यदि टीएमसी उनकी पार्टी को मारने-पीटने की बात करेंगे तो मैं भी ऐसी धमकियों का जवाब देने के लिए खाल खींचने की बात कहुंगा.
कांग्रेस में नहीं थी जीएसटी लागू करने की हिम्मत: बाबुल
बाबुल ने कहा कि कांग्रेस दशको से जीएसटी लाने की तैयारी की लेकिन इसे लागू करने की हिम्मत वह नहीं कर पाए. कांग्रेस को जीएसटी लागू करने में वोटबैंक के नुकसान का डर था. वहीं बाबुल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र ने वह हिम्मत दिखाई और इसका सकारात्मक असर देश की अर्थव्यवस्था पर दिखाई देगा. इस बात पर सचिन पायलट ने कहा कि हम जिस तरह का जीएसटी लाना चाहते थे उसे पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया. राज्यों में राजनीतिक लाभ को देखते हुए जीएसटी को बदल दिया गया.
राहुल कांग्रेस से ज्यादा बीजेपी के बारे में सोचते हैं- बाबुल
लिंगायत के मुद्दे पर बीजेपी का क्या रुख है. बाबुल ने कहा कि बीजेपी इस मुद्दे पर यदि चुप है तो इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहना ही हमारा स्टैंड है. बाबुल ने कहा कि राहुल गांधी चार साल से बीजेपी के खिलाफ बोल रहे हैं लेकिन यह कभी नहीं सोचा कि आखिर क्यों कांग्रेस एक के बाद एक चुनाव हार रही है.
इसके अलावा बीजेपी सांसद ने कहा कि अब कांग्रेस केवल पंजाब और कर्नाटक में सिमट कर रह गई, ये दो विकेट गिरते ही कांग्रेस ऑलआउट हो जाएगी.
सत्ता में आते ही पलट जाती है बीजेपी की सोच?
जब बीजेपी विपक्ष में बैठती है तो हर मुद्दे पर उसकी राय अलग रहती है. वहीं सरकार ने आने के बाद वह अपने विचारों को पूरी तरह बदल लेती है. ठीक इसी तरह आरएसएस, हिंदू जागरण मंच जैसी संस्थाएं भी बीजेपी के सत्ता में आने के बाद अपना राग बदल लेते हैं. यही बीजेपी की दोहरी राजनीति है. पायलट ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी बतौर मुख्यमंत्री जीएसटी के विरोध में थे और केन्द्र में आने के बाद अपना विचार बदल लिया.
क्या कसौटी पर खरी उतरेगी कांग्रेस?
इस सत्र के अंत में राहुल ने पूछा कि कांग्रेस ने संगठन में फेरबदल किया है. इसका क्या मतलब है. सचिन पायलट ने कहा कि बीजेपी अपने गठबंधन के लोगों को साथ नहीं रख पा रहे हैं. वहीं कांग्रेस ने सभी को साथ लेकर चलने का काम किया है. कांग्रेस अब कर्नाटक में जनता की कसौटी में खरा उतरने की तैयारी में है. हालांकि बाबुल सुप्रियो ने दावा किया कि कांग्रेस झूठ बोल रही है. कर्नाटक में ग्राउन्ड रिएल्टी अलग है और चुनावों के नतीजे सच्चाई को सामने लेकर आएगी.
पहला सत्र: इंडिया टुडे 'कर्नाटक पंचायत': कांग्रेस की होगी वापसी- मल्लिकार्जुन
इस कार्यक्रम का आगाज करते हुए इंडिया टुडे समूह के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई ने कर्नाटक के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व केन्द्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली से सवाल-जवाब के साथ हुआ. राजदीप ने दोनों नेताओं से पूछा कि क्या कांग्रेस कर्नाटक को बचाने में सफल होगी? मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कांग्रेस राज्य में वापसी करने जा रही है. राज्य की कांग्रेस सरकार ने अपने सभी वादों को पूरा किया है इसलिए उसे भरोसा है कि आगामी चुनावों में उसे अच्छा बहुमत मिलेगा.
क्या एक्शन में होगी एंटी इंकम्बेंसी?
राजदीप ने मोइली से पूछा कि क्या राज्य में कांग्रेस के खिलाफ चुनावों में एंटी इनकम्बेंसी फैक्टर काम करेगा? मोइली ने कहा कि राज्य में एंटी इनकम्बेंसी नहीं देखने को मिलेगा. राजदीप ने कहा कि क्या राज्य का आगामी चुनाव सिद्धारम्मैया के नाम पर लड़ा जाएगा? खड़गे ने कहा कि यह सवाल महज कांग्रेस को बांटने की कोशिश है. वहीं राज्य में चुनावी पोस्टरों में राहुल गांधी की जगह सिद्धारम्मैया को ज्यादा तरजीह देने पर सफाई देते हुए खड़गे ने कहा कि राज्य में कांग्रेस के कार्यक्रमों पर सरकार चलती है. राज्य के मुख्यमंत्री केन्द्रीय नेतृत्व के कार्यक्रमों पर भी कांग्रेस को वादों को पूरा कर रही है.
लिंगायत को अल्पसंख्यक दर्जा दिए जाने पर मोइली ने कहा कि बीजेपी के पास लिंगायत मुद्दे पर कोई नरेटिव नहीं है. यह कोई नई बात नहीं है कि लिंगायत को हिंदू धर्म से अलग देखा जाए. जैसे बुद्ध और महावीर को अगल से मान्यता है और किसी धर्म के साथ नहीं बांधा गया है. उसी तरह लिंगायत को अल्पसंख्यक दर्जा देना उचित है. यह सिर्फ इसलिए नहीं रोका जा सकता कि बीजेपी इस मुद्दे पर अलग रुख रखती है.
कर्नाटक में कांग्रेस के लिए 'करो या मरो'?
राजदीप ने सवाल किया कि क्या कर्नाटक में कांग्रेस के लिए करो या मरो की स्थिति पैदा हो गई है. खड़गे ने कहा कि कांग्रेस को कमजोर करने के लिए केन्द्र में बैठी बीजेपी सरकार हर तरह के हथकंड़े अपना रही है. ईडी, सीबीआई समेत सभी सरकारी संस्थाओं को इस्तेमाल परेशान करने के लिए किया जा रहा है. इसके डर के कुछ लोग डरकर बीजेपी का साथ पकड़ ले रहे हैं लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस इन हथकंड़े से डरने वाली नहीं और वह राज्य में वापसी करके दिखाएगी.
आरएसएस की काउंटर स्ट्रैटेजी?
राजदीप ने पूछा कि क्या क्या कर्नाटक में बीजेपी का संगठन आपसे ज्यादा मजबूत हो चुका है? इस
सवाल के जवाब में खड़गे ने कहा कि बीजेपी के लिए आरएसएस के कार्यकर्ता काम कर रहे हैं. आरएसएस घर-घर जा रही है और लोगों के बीच झूठा प्रचार कर रही है. हालांकि इससे कांग्रेस को नुकसान नहीं होगा क्योंकि कांग्रेस के कार्यकर्ता भी घर-घर जा रहे हैं और सीधे अंतिम वोटर से बात करके आरएसएस के सभी प्रयासों को खोखला साबित कर रहे हैं.
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