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भारतीय तार सेवा ने किया आखिरी सलाम

तीन बरस पहले तार ने आज ही अपनी विदाई का तार डाला था और एक ऐतिहासिक परंपरा हमेशा के लिए ख़त्म हो गई.

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साल 2013 में 14 जुलाई को टेलीग्राम सर्विस यानी भारतीय तार सेवा की पारी खत्‍म हो गई थी.

1. साल 1850 में कोलकाता और डायमंड हार्बर के बीच तार सेवा शुरू हुई, जिसे ईस्‍ट इंडिया कंपनी स्‍टाफ इस्‍तेमाल करती थी. 1854 में ये पब्लिक के लिए शुरू हुई.

2. एक वक्‍त लाखों-करोड़ों लोगों के लिए यह संदेश पहुंचाने का सबसे तेज जरिया होता था.

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3. सस्‍ती फोन कॉल और ईमेल के दौर में तार सेवा ने अपनी अहमियत खो दी.

4. तार सेवा के आखिरी दिन दो हजार मैसेज बुक किए गए. आखिरी तार अश्विनी मिश्र ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भेजा था.

5. 75 लाख रुपये की सालाना कमाई करने वाली ये सेवा चलाने पर 100 करोड़ रुपये खर्च हो रहे थे.

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