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चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुस्लिम चेहरा रहे जफर सरेशवाला को मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय का कुलाधिपति (चांसलर) नियुक्त करने में अमिताभ बच्चन, गुलजार और अजीम प्रेमजी जैसी हस्तियों के मुकाबले वरीयता दी गयी थी.
पीटीआई को मिले दस्तावेज से स्पष्ट होता है कि विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद ने कुलाधिपति पद के लिए छह लोगों के नामों पर विचार किया था. मशहूर शिक्षाविद डा सैयदा हमीद का कार्यकाल 10 जुलाई 2014 को समाप्त हुआ.
कार डीलर सरेशवाला के अलावा जिन नामों पर विचार किया गया, उनमें अभिनेता अमिताभ बच्चन, कवि गुलजार, विप्रो अध्यक्ष अजीम प्रेमजी, पूर्व प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए एम अहमदी और पहले सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्ला शामिल हैं.
सूचना का अधिकार कानून के तहत प्राप्त रिकार्ड के अनुसार विश्वविद्यालय ने एक दिसंबर 2014 को इन नामों की सूची मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेजी. नामों का जिक्र करने वाले पत्र में कहा गया है कि राष्ट्रपति विश्वविद्यालय के विजिटर हैं और वह तीन साल के लिए कुलाधिपति की नियुक्ति करते हैं. विश्वविद्यालय कानून के अनुसार विजिटर विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद द्वारा दिए गए कम से कम तीन गणमान्य नामों के पैनल में से कुलाधिपति की नियुक्ति करेंगे.
इसमें कहा गया है कि कार्यकारी परिषद ने आठ नवंबर 2014 को अपनी बैठक में कुछ नामों का प्रस्ताव किया और इसकी जानकारी मानव संसाधन विकास मंत्रालय को देने के लिए कुलपति को अधिकृत किया गया. मंत्रालय ने सरेशवाला के नाम को अंतिम रूप देते हुए कहा कि वह युवाओं और उद्योग का संयोजन कर सकते हैं जिससे उनके नेतृत्व से संस्थान को फायदा हो सकता है. आश्चर्यजनक रूप से उपरोक्त टिप्पणी के बीच में यह कहा गया है कि तीन या ज्यादा नामों की सिफारिश की जा सकती है.
इनपुट: भाषा