Advertisement

370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में होंगे ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल के चुनाव

जम्मू कश्मीर के प्रिंसिपल सेक्रेटरी योजना आयोग रोहित कंसल ने बताया कि जम्मू कश्मीर में पंचायती राज व्यवस्था को शुरू करने के लिए ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल का चुनाव कराने का अहम फैसला लिया गया है.

जम्मू-कश्मीर के 316 ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल के चुनाव की तैयारी (Courtesy- ANI) जम्मू-कश्मीर के 316 ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल के चुनाव की तैयारी (Courtesy- ANI)
aajtak.in
  • श्रीनगर,
  • 24 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 8:39 PM IST

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पहली बार चुनाव कराने की तैयारी चल रही है. जम्मू-कश्मीर के प्रिंसिपल सेक्रेटरी (योजना आयोग) रोहित कंसल ने शनिवार बताया कि जम्मू-कश्मीर में पंचायती राज व्यवस्था को शुरू करने के लिए ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल का चुनाव कराने का अहम फैसला लिया गया है.

जम्मू-कश्मीर ग्रामीण विकास विभाग की सचिव ने भी बताया कि जम्मू-कश्मीर के 316 ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल के चुनाव कराने की तैयारी चल रही है. कश्मीर घाटी में आरक्षण प्रक्रिया का पहला चरण पूरा कर लिया गया है और जम्मू में यह आखिरी स्टेज में हैं. सितंबर के आखिरी तक आरक्षण की प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा.

Advertisement

आपको बता दें कि पिछले साल नवंबर-दिसंबर में जम्मू कश्मीर में लोकतंत्र की बुनियाद पक्की करने के लिए पंचायत और निकाय चुनाव करवाए गए थे. इस दौरान 35,096 पंच और 4,490 सरपंच चुने थे. हालांकि पंचायत चुनाव के बाद कभी ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल के लिए चुनाव नहीं हो पाए थे. अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से जम्मू कश्मीर में संविधान का 73वां और 74वां संशोधन लागू हो गया है. लिहाजा यहां पर पंचायत राज को मजूबत करने के लिए चुनाव कराने की तैयारी की जाएगी.

जम्मू-कश्मीर में तेजी से सुधर रहे हालात

रोहित कंसल ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में हालात तेजी से सुधर रहे हैं. कश्मीर घाटी के 69 पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले इलाकों से दिन में प्रतिबंध हटा लिया गया है. इसके अलावा जम्मू  डिवीजन के 81 पुलिस स्टेशन से प्रतिबंध हटाए जा चुके हैं.

Advertisement

रोहित कंसल ने बताया कि 17 अगस्त के बाद से जम्मू-कश्मीर में हिंसा की घटनाओं में तेजी से गिरावट और शांति बहाली देखने को मिली है. हालांकि सीमा पार आतंकवाद का खतरा लगातार बना हुआ है. सीमा पार आतंकवाद से निपटने के लिए सुरक्षा बल पूरी तरह तैयार और हाईअलर्ट हैं.

रोहित कंसल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में करीब 1500 प्राइमरी स्कूल और एक हजार मिडल स्कूल खुल चुके हैं, लेकिन विद्यार्थियों की संख्या लगातार कम बनी हुई है. शिक्षा विभाग सभी प्राइमरी और मिडल स्कूलों का संचालन शुरू करने का प्रयास करेगा.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement