Advertisement

JNU नारेबाजी: पुलिस ने मांगी कन्हैया पर केस की परमिशन, केजरीवाल बोले- जल्द निर्णय लेंगे

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने केजरीवाल सरकार को लिखे खत में कहा है कि 9 फरवरी 2016 को जेएनयू में भारत विरोध नारे लगाए गए थे, जिसके बाद दिल्ली के वसंत कुंज थाने में भारतीय दंड संहिता यानी आईपीसी की धारा 124A, 147, 149, 120B और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया था.

कन्हैया कुमार (Courtesy- PTI) कन्हैया कुमार (Courtesy- PTI)
अरविंद ओझा/जितेंद्र बहादुर सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 19 फरवरी 2020,
  • अपडेटेड 10:29 PM IST

  • कन्हैया समेत अन्य पर 2016 में JNU में भारत विरोधी नारे लगाने के आरोप
  • कोर्ट ने कहा- सरकार को खत लिखे दिल्ली पुलिस, रुख साफ करने को कहे
  • JNU नारेबाजी मामले में केजरीवाल बोले- यह मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं आता

दिल्ली सरकार ने अब तक जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा चलाने की इजाजत नहीं दी है. बुधवार को जब दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई, तो दिल्ली पुलिस ने बताया कि अभी तक दिल्ली सरकार से राजद्रोह का मुकदमा चलाने की अनुमति नहीं मिली है.

Advertisement

इसके बाद कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को निर्देश दिया कि वो दिल्ली सरकार को खत लिखकर इस पर रुख साफ करने को कहें. इसके बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने केजरीवाल सरकार को खत लिखकर कन्हैया कुमार समेत अन्य के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा चलाने की फिर से अनुमति मांगी है.

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को लिखे खत में कहा है कि 9 फरवरी 2016 को जेएनयू में भारत विरोध नारे लगाए गए थे, जिसके बाद दिल्ली के वसंत कुंज थाने में भारतीय दंड संहिता यानी आईपीसी की धारा 124A (राजद्रोह), 147, 149, 120B और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया था. वसंत कुंज पुलिस ने जांच के बाद 29 फरवरी 2016 को मामले को स्पेशल सेल को ट्रांसफर कर दिया था.

Advertisement

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के डिप्टी कमिश्नर प्रमोद सिंह कुशवाह ने केजरीवाल सरकार को लिखे खत में कहा कि इस मामले की जांच के बाद 14 जनवरी 2019 को कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल की गई थी. इससे पहले 10 जनवरी 2019 को दंड प्रक्रिया संहिता यानी सीआरपीसी की धारा 196 के तहत राजद्रोह का मुकदमा चलाने के लिए दिल्ली सरकार से इजाजत मांगी गई थी. इसके लिए मामले से संबंधित दस्तावेजों को दिल्ली के गृह मंत्रालय को भेजा गया था. हालांकि अभी तक दिल्ली सरकार ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी नहीं दी है.

इसे भी पढ़ें--- CAA पर शिवसेना और NCP में मतभेद? उद्धव ने किया समर्थन तो पवार बोले- हम खिलाफ

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने केजरीवाल सरकार को लिखे खत में कहा कि 19 फरवरी 2020 को पटियाला हाउस कोर्ट के चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट पुरुषोत्तम पाठक के समक्ष मामले की सुनवाई होनी थी, लेकिन दिल्ली सरकार की मंजूरी नहीं मिलने के चलते कार्यवाही आगे नहीं बढ़ पाई.

इस दौरान कोर्ट ने स्पेशल सेल को निर्देश दिया कि वो दिल्ली सरकार को खत लिखकर रुख साफ करने के लिए कहे, ताकि मामले की कार्यवाही को जल्द से जल्द आगे बढ़ाया सके. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के डिप्टी कमिश्नर प्रमोद सिंह कुशवाह ने केजरीवाल सरकार को लिखे खत में कहा कि जेएनयू राजद्रोह मामले की कार्रवाई में तेजी लाने के लिए दिल्ली सरकार मंजूरी प्रदान करे.ट

Advertisement

केजरीवाल बोले- मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं आता

वहीं, इस मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष और सीपीआई नेता कन्हैया कुमार के देश विरोधी नारों के मामले पर फैसला लेना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है, लेकिन फिर भी वो इस पर जल्द निर्णय के लिए विधि विभाग से कहेंगे.

इसे भी पढ़ें--- चुनाव के दौरान शरद पवार-उद्धव ठाकरे की फोन टैपिंग! महाराष्ट्र सरकार ने दिए जांच के आदेश

आपको बता दें कि 9 फरवरी 2016 को जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी परिसर में नारेबाजी के वीडियो सामने आए थे. इसके बाद मामले की जांच की गई थी और तत्कालीन जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार समेत अन्य के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया था. फिलहाल कन्हैया कुमार सीपीआई के नेता हैं. हाल ही में कन्हैया कुमार ने बेगूसराय से सीपीआई के टिकट से लोकसभा चुनाव भी लड़ा था, लेकिन उनको हार का मुंह देखना पड़ा था.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement