
जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में हॉस्टल फीस की बढ़ोतरी पर विवाद बढ़ता जा रहा है. छात्र लगातार यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं और फीस वापसी की मांग कर रहे हैं. इस बीच JNU छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने छात्रों पर सवाल उठाने वालों पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग JNU का नाम बदनाम कर छात्रों का भविष्य खराब करना चाहते हैं. इसके साथ ही उन्होंने सवाल भी किया कि अगर JNU की सब्सिडी पर सवाल हैं तो सांसदों को मिलने वाली सब्सिडी से दिक्कत क्यों नहीं है.
आजतक से बात करते हुए कन्हैया कुमार ने कहा, ‘जो लोग कह रहे हैं कि टैक्सपेयर का पैसा बर्बाद हो रहा है, तो टैक्स के पैसे से पीएम के लिए 4 करोड़ की कार, गुजरात सीएम के लिए 192 करोड़ का प्लेन क्यों खरीदना चाहिए. सांसदों को सब्सिडी का खाना, लुटियंस जोन में फ्री में घर क्यों मिलना चाहिए, अगर टैक्सपेयर के पैसे का ही सवाल है.'
अधिक उम्र तक यूनिवर्सिटी में रहने वाले छात्रों के सवाल पर JNU छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि उम्र पर सवाल उठाना गलत है, जो भी PHD करेगा उसे 30 साल लगेंगे. अगर ये गुनाह तो 33 साल में पीएम MA करे तो वाहवाही क्यों है. कन्हैया कुमार बोले कि अगर कोई भी देश दूसरे देशों के साथ संबंध स्थापित करना चाहता है तो उसके लिए इंटरनेशनल स्टडी की जरूरत है, JNU एकमात्र यूनिवर्सिटी है जहां पर ये सुविधा है.
हर बार मिलता है बेस्ट यूनिवर्सिटी का अवॉर्ड
विरोधियों पर निशाना साधते हुए कन्हैया कुमार बोले कि अगर JNU खराब है तो हर साल इसे बेस्ट यूनिवर्सिटी का अवॉर्ड क्यों मिल रहा है, यहां के पढ़े हुए लोग नोबेल जीत रहे हैं और मोदी सरकार में मंत्री हैं. JNU का कोई भी छात्र ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ जैसे बकवास नारे का समर्थन नहीं करता है.
फीस बढ़ोतरी पर कन्हैया ने कहा कि कुछ लोग सिर्फ एक बात का उदाहरण बना पूरी यूनिवर्सिटी को तबाह करना चाहते हैं. आज यूनिवर्सिटी में 100 में से 40 ऐसे छात्र हैं जो बढ़ी हुई फीस के साथ पढ़ाई नहीं कर सकते हैं, यहां कोई खैरात में कुछ नहीं मांग रहा है बल्कि टेस्ट पास करके आए हैं. अगर इस तरह फीस बढ़ी तो ये देश की सबसे महंगी यूनिवर्सिटी बन जाएगी.
राजनीतिक विश्लेषक राघव अवस्थी ने इस विवाद पर कहा कि सरकार JNU के छात्रों से नहीं डरती है, ये लोग लगातार BJP का विरोध करते हैं. उन्होंने कहा कि देश की जनता पूछना चाहती है कि टैक्स पर पढ़ने वाले क्यों चाहते हैं कि फीस ना बढ़ाई जाए. उन्होंने सवाल किया कि साउथ अफ्रीका पर स्टडी करके देश को क्या फायदा होगा.