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आम आदमी पार्टी के 5 साल पूरे होने पर दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री व विधायक कपिल मिश्रा ने आम आदमी पार्टी के 5 साल के सफर पर निशाना साधते हुए अपना दर्द बयां किया है.
कपिल मिश्रा ने अपने ब्लॉग में लिखा है कि आम आदमी पार्टी जिन मूल्यों के लिए स्थापित की गई थी, पार्टी अब उन सभी मूल्यों से भटक गई है. दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री व आंदोलन से जुड़े कपिल मिश्रा ने लिखा है कि आज 5 साल बाद कहां खड़े हैं हम, ये कहां आ गए हम...
कपिल मिश्रा ने पार्टी में बढ़ रहे तानाशाही रवैये पर व्यंग्यात्मक रुख अख्तियार करते हुए लिखा कि अब हम "आम आदमी पार्टी" से लेकर "चार आदमी पार्टी" तक आ गए. कपिल मिश्रा ने अपने ब्लॉग में लिखा है कि-
हम आम आदमी पार्टी वाले "संतोष कोली" से चले थे और अब "अमानतुल्ला खान" पर आ गए. आंदोलन के दिनों में पार्टी चिंदबरम को corrupt कहा करती थी और अब "चिदंबरम भ्रष्टाचारी है" से लेकर "चिदंबरम मेरा वकील है" तक आ गए हैं.
कपिल मिश्रा ने अपने ब्लॉग में अरविंद केजरीवाल के बयान पर निशाना साधते हुए लिखा है कि अब हम "नेता नहीं नौकर" से लेकर "हम दिल्ली के मालिक हैं" तक पर आ गए हैं. साथ ही स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन द्वारा सौम्या जैन को नौकरी दिए जाने पर लिखा है कि "कार्यकर्ताओं की सरकार बनाएंगे" लेकर "सगी बेटी को नौकरी देने तक" आ गए हम. "आम आदमी सब कुछ कर सकता है" से लेकर "हमारे हाथ में कुछ नहीं", "हमें कोई काम नहीं करने देता तक".
पार्टी में करप्शन पर कपिल लिखते हैं कि हम "जनता के पैसों" से लेकर "हवाला के चंदे" तक आ गए हैं. इसके अलावा पार्टी के पदाधिकारियों द्वारा सैकड़ों विदेश यात्राओं पर तंज कसते हुए कपिल मिश्रा ने लिखा है कि अब हम "पदयात्रा" से लेकर "सैकड़ों विदेश यात्राओं" तक आ गए हैं.
मोदी सरकार द्वारा की गई नोटबंदी और सर्जिकल स्ट्राइक का साथ देते हुए कपिल मिश्रा ने लिखा है कि "भ्रष्टाचार से लड़ने वाले नोटबंदी को गलत बताने लगे हैं. भारत माता की जय कहने वाले सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाने तक.
साथ ही पार्टी में जारी राज्यसभा सीट के लिए कोहराम पर कपिल लिखते हैं कि हम "मोहल्ला सभा" के लिए आए थे और "राज्यसभा" के लिए लड़ने लगे हैं. "बिजली-पानी" पर सरकार बनाने वाले "चाय-पानी" पर अटक गए.
पटना रैली में केजरीवाल द्वारा लालू को गले लगाने पर लिखा है कि "शीला को हराने" से लेकर "लालू को गले लगाने" तक आ गए हैं हम. "सगे बच्चे भी भ्रष्टाचार करेंगे तो माफी नहीं" से लेकर "अपने साढू को ठेका और फर्ज़ी बिल देने तक".
कपिल मिश्रा ने आम आदमी पार्टी में लगातार कुमार विश्वास को किनारे किए जाने पर कटाक्ष करते हुए लिखा है कि "कुमार विश्वास " से चले थे और "आशुतोष" पर आ गए.
साथ ही EVM टेंपरिंग पर लगातार AAP के सवालात पर निशाना साधते हुए लिखा है कि लड़ना था "करप्शन" से, लड़ने लगे "EVM" से. "कलेक्टिव लीडरशिप" से लेकर "वन मेन फ्लॉप शो" तक. "इंडिया अगेंस्ट करप्शन" से लेकर "इंडियन मुस्लिम लीग" बन जाने तक.
आंदोलन की हत्या करके उसकी लाश सजाए बैठे हैं
कुछ लोग अब भी केजरीवाल से आस लगाए बैठे हैं
आज भी चिपके खड़े हैं कुर्सियों से जिन्होंने खुद के लिए सपना बुना है
अपने ब्लॉग में आखिर में कपिल मिश्रा लिखते हैं कि मैंने देश और केजरीवाल में से एक को चुना है 'मुझे देश और केजरीवाल में से एक को चुनना था, मैंने अपना देश चुना हैं. हमने अपना देश चुना है.