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जानिए सरहद का जिम्‍मा संभालने वालीं डीजी अर्चना रामासुंदरम के बारे में

अर्चना रामासुंदरम को सशस्त्र सीमा बल का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है. ऐसा पहली बार हो रहा है जब किसी महिला को यह पद दिया गया हो.

Archana Ramasundram Archana Ramasundram

सरहद की जिम्‍मेदारी संभालना कोई आसान बात नहीं. यही वजह है कि यह जिम्‍मा जांच-परखकर मजबूत कंधों को सौंपा जाता है. इस बार यह जिम्‍मा अर्चना रामासुंदरम को दिया गया है.

ऐसा पहली बार हो रहा है कि किसी महिला को सशस्त्र सीमा बल का नया प्रमुख नियुक्त किया गया हो. एनसीआरबी की डीजी अर्चना रामासुंदरम अब भारतीय अर्धसैनिक बल की पहली महिला प्रमुख होंगी. उन्हें नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के निदेशक पद से सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) का महानिदेशक बनाया गया है. जानें उनसे जुड़ी ये खास बातें:

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1. 1 अक्‍टूबर 1957 को जन्‍मीं अर्चना के पास एम.ए. के अलावा एमएससी की डिग्री भी है.

2. उन्‍हें 1995 में प्रेसिडेंट मेडल से भी नवाजा गया था.

3. अर्चना राम सुंदरम को जून 2015 में नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के निदेशक पद पर नियुक्त किया गया था.

4. तमिलनाडु कैडर की अधिकारी अर्चना 2014 में उस समय खबरों में रहीं थीं, जब उन्हें सीबीआई में अतिरिक्त निदेशक नियुक्त किया गया था. उनकी नियुक्ति को सुप्रीमकोर्ट में चुनौती भी दी गई थी, जिसके बाद उन्हें नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो का प्रमुख बना दिया गया.

5. देश की सेवा में अर्चना के पति रामसुंदरम तमिलनाडु में सीनियर स्‍टेट आईएस ऑफिसर थे. उन्‍होंने 2011 में वॉलेंटरी रिटारमेंट ले लिया था.

जज्‍बे के साथ मजबूत सोच:
अर्चना ने कई साल पहले 25 नवंबर को ‘इंटरनेशनल डे फॉर एलिमिनेशनल ऑफ वॉयलेंस अगेंस्ट वुमन’ के मौके पर यूनीफेम के नॉट मिनट मोर इवेंट को भी संबोधित किया था. इस दौरान उन्‍होंने अपने पुलिस के करियर बताते हुए कहा था कि महिला सुरक्षा हमेशा उनकी तरजीह है. इसी के साथ उनका उद्देश्‍य हमेशा उन लोगों को रोकना भी रहा जो महिलाओं को नुकसान पहुंचाते हैं.
इस कार्यक्रम के दौरान अपने काम के बारे में अर्चना बताया,' मेरा काम आसान नहीं था. महिलाओं के प्रति हिंसा रोकना भारतीय पुलिस की प्राथमिकता नहीं रही है. लेकिन जिन महिलाओं की मैंने मदद की उनके चेहरों ने मुझे यह बताया है कि मैं सही दिशा में काम कर रही हूं.' यही वजह है कि महिला सुरक्षा उनकी भविष्‍य योजनाओं में भी प्राथमिकता पर है.

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बेबाक टिप्‍पणी:
अर्चना अपनी बात को कहने से कभी पीछे नहीं हटीं. उन्‍होंने यूनीफेम के नॉट मिनट मोर इवेंट पर अपने विचार रखते हुए कहा था कि हमारे देश में अजीब तरह की असमानताएं हैं. एक ओर प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और यूएन जनरल असेंबली प्रेसिडेंट विजयलक्ष्मी पंडित जैसी महिलाएं रही हैं तो दूसरी ओर ज्यादातर महिलाएं गरीब, बीमारी, परंपराओं से जूझतीं और भेदभाव व हिंसा सहती हैं.

देश में पांच अर्द्धसैनिक बल:
सशस्‍त्र सीमा बल (एसएसबी), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) हैं.

क्‍या होगी अर्चना की नई जिम्‍मेदारी:
सशस्‍त्र सीमा बल पर नेपाल और भूटान से लगे देश के सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है.

आपको बता दें कि अर्चना के अलावा के दुर्गा प्रसाद को सीआरपीएफ का महानिदेशक और केके शर्मा को बीएसएफ का प्रमुख नियुक्त किया गया है. वे इन बलों के मौजूदा प्रमुखों के इस महीने के अंत में रिटायर होने के बाद जिम्मेदारी संभालेंगे.

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