
मुंबई हमले के दोषी आतंकी अजमल आमिर कसाब को आज ही के दिन फांसी पर लटकाया गया था. कसाब को जिंदा पकड़ने के बाद चार साल तक उसे जेल में रखा गया था, लेकिन 26 नवंबर 2012 को ऑपरेशन एक्स के तहत उसे फांसी पर लटका दिया गया. भारत में ये पहला विदेशी है, जिसे फांसी पर चढ़ाया गया. 26/11 की चौथी बरसी से 5 दिन पहले कसाब को मौते के हवाले कर दिया गया. आइए जानते हैं उस दिन कसाब की रात कैसे कटी थी...
कसाब को फांसी पर चढ़ाने का अभियान गोपनीय तरीके से किया गया था. कसाब को मुंबई की आर्थर रोड जेल से पुणे की यरवडा जेल तक सुरक्षापूर्वक पहुंचाने का जिम्मा मुंबई पुलिस के 17 अधिकारियों को सौंपा गया था और उसे बुर्का पहनाकर ले जाया गया था.
- कसाब ने मरने से पहले आखिरी इच्छा नहीं जताई थी और आखिरी इच्छा पूछने पर मना कर दिया था.
- सुबह फांसी से पहले कसाब को नहलाया गया.
- 21 नवंबर की सुबह कसाब जल्दी उठ गया था, जिसके बाद उसने नमाज अदा की.
- कसाब को जब उसे फांसी देने के बारे में बताया गया तो उसने फांसी की खबर को अम्मी तक पहुंचाने के लिए कहा.
महिला IPS जिसने अपनी आंखों से देखी कसाब-याकूब की फांसी
- कसाब ने फांसी पर लटकने से जेलर की मौजूदगी में अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगी और दोबारा ऐसी गलती न करने की बात कही.
- सुबह 7.30 बजे यरवडा जेल में कसाब को फांसी दे दी गई. इसके बाद उसका मेडिकल टेस्ट किया गया और डॉक्टरों ने कसाब को मृत घोषित कर दिया.
बता दें कि उसे 80 अपराधियों का दोषी पाया गा, जिनमें हत्या, भारत के खिलाफ जंग झेड़ने, हथियार रखने आदि शामिल थे. जब वो पकड़ा गया तो उसके कब्जे से हथियार, गोला-बारूद, एक सैटेलाइट फोन और शिवाजी टर्मिनल का नक्शा मिला था.