
हाल ही में रिलीज वेब सीरीज रक्तांचल का कट्टा याद है. देसी बंदूक नहीं भई हम यहां बात कर रहे हैं एक इंसान की जिसका नाम सीरीज में कट्टा है. जी हां, हम बात कर रहे हैं एक्टर कृष्णा सिंह बिष्ट की. छोटे पर्दे और हिंदी सिनेमा में साइड रोल्स तक सिमट कर रहे कृष्णा आज इंटरनेशनल सिनेमा में अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुके हैं. कृष्णा ने हालिया रिलीज वेब सीरीज रक्तांचल में कट्टा का रोल निभाया था और अब उनकी स्पैनिश फिल्म एलेक्साज स्ट्रिप भी रिलीज हो चुकी है.
एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के तीन अलग-अलग स्तर को छू चुके कृष्णा मूल रूप से उत्तराखंड के हैं. उत्तराखंड के छोटे से गांव रानीखेत में जन्में कृष्णा बचपन में ही दिल्ली में अपने परिवार के साथ बस गए थे. दिल्ली में स्कूलिंग और कॉलेज पूरी करने के बाद वे थिएटर से जुड़े और यहीं उनकी प्रतिभा को दिशा मिली. एक्ट वन थिएटर के एनके शर्मा ने उनके अंदर छिपे टैलेंट को पहचाना और उन्हें इस क्षेत्र में करियर बनाने का सुझाव दिया. कुछ समय बाद साल 2005 में कृष्णा मुंबई आए. सपने लेकर चल तो दिए पर उन्हें भी पता था कि रास्ता कठिनाईयों से भरा है. हालांकि कृष्णा ने हिम्मत नहीं हारी. छोटे मोटे एडवर्टिजमेंट में वे काम करते रहे.
इस फिल्म से मिला पहला बड़ा ब्रेक
विक्की डोनर में उन्हें पहला बड़ा ब्रेक मिला. वैसे तो फिल्म में कृष्णा ने गुल्ली का एक छोटा सा किरदार निभाया पर ये उनके करियर का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ. विक्की डोनर के बाद उन्हें फिल्मों के ऑफर्स आने लगे. कृष्णा ने आयुष्मान खुराना, अनु कपूर के अलावा न्यूटन में राजकुमार राव, पंकज त्रिपाठी, रघुवीर यादव, रणवीर सिंह-दीपिका पादुकोण संग गोलियों की रासलीला रामलीला में काम किया है. उन्होंने एडवेंचर्स ऑफ हातिम, टीवीएफ पिचर्स, सुलेमानी कीड़ा, मोमबत्ती आदि छोटे पर्दे पर भी अपने अभिनय से लोगों का दिल जीता है. मगर, उनका बेहतर समय तो अभी आने वाला था.
शाहरुख खान प्रोडक्शन हाउस रेड चिलीज के बैनर तले बनी वेब सीरीज 'बेताल' में उन्हें कास्ट किया गया. रोल कोई बड़ा नहीं था, पर बड़े स्टार्स और बड़ी टीम के साथ उन्हें एक नया अनुभव मिला. फिर आई वेब सीरीज 'रक्तांचल'. रक्तांचल में कट्टा का जो रोल कृष्णा ने निभाया, वह काबिले-तारीफ है. ग्रे शेड में कृष्णा ने बेहतरीन अभिनय का दावा पेश किया. कृष्णा ने इन दोनों सीरीज के अनुभव आजतक के साथ साझा किए.
लॉकडाउन में बेताल का रिलीज होना इत्तेफाक
एक्टर ने बेताल वेब सीरीज की शूटिंग से जुड़ी बातों पर भी चर्चा की. उन्होंने बताया कि बेताल की शूटिंग लगभग 60 दिनों में पूरी हो गई थी. यह एक साल पहले ही बनकर तैयारी थी लेकिन प्रोडक्शन टीम और नेटफिल्क्स के टर्म्स एंड कंडीशंस की वजह से यह इत्तेफाक से इस साल लॉकडाउन में रिलीज हुई. बेताल में उन्हें ज्यादा स्पेस नहीं मिला पर फिर भी कृष्णा अपने काम से खुश हैं. वे कहते हैं यह बड़े बैनर की सीरीज थी जिसमें बड़ी टीम और बड़ी कास्ट थी, इसलिए उनके लिए बेताल का सफर अच्छा रहा.
रक्तांचल के शूट के दौरान दो बार बाल-बाल बचे हैं कृष्णा
रक्तांचल के शूट के दौरान वे दो बार बाल-बाल बचे. कृष्णा बताते हैं कि इस सीरीज में उनका जो मूलमंत्र था वो था 'जय महाकाल', और महाकाल ने ही दोनों वक्त उनकी जान बचाई. दरअसल, बनारस में शूटिंग के दौरान एक सीन था जिसमें बमबारी होनी थी. बम फेंकने के बाद कृष्णा जीप में जाकर बैठ जाते हैं और वह पलट जाती है. सीन के वक्त जीप का टायर ठीक उनके सिर से कुछ इंच की दूर पर जा रूका और वो बाल बाल बच गए. दूसरी घटना स्कूटर चलाने के दौरान हुई थी. रक्तांचल की शूटिंग भी पिछले साल नवंबर तक खत्म हो गई थी.
ये तो रही हिंदी सिनेमा की बात, अब जरा उनके इंटरनेशनल फिल्म में एक्टिंग की ओर एक नजर डालें. लंबे समय तक लॉकडाउन के बाद स्पेन में अब थिएटर्स खुल गए हैं. 26 जून को कृष्णा सिंह बिष्ट की स्पैनिश फिल्म 'एलेक्साज स्ट्रिप' रिलीज हुई है. इसमें वे मुख्य विलेन कासिम के रोल में नजर आ रहे हैं. ट्रेलर में अगर आप कृष्णा को देखें तो बिना तारीफ किए नहीं रह सकते. उन्होंने इसमें उम्दा काम किया है.
बाहर के डायरेक्टर्स जजमेंटल नहीं होते- कृष्णा
कृष्णा ने हिंदी और विदेशी दोनों फिल्मों में काम किया. इन दो अलग जोन्स में एक्सपीरियंस ले चुके कृष्णा ने एलेक्साज स्ट्रिप के दौरान अपने अनुभव से एक बहुत गहरी बात बताई. हुआ ये कि फिल्म की शूटिंग के वक्त जब एक्शन सीन्स करने होते थे तो उन्होंने गिरने पड़ने के सीन भी किए. जब-जब वे इन सीन्स को करते थे, तब फिल्म के डायरेक्टर खुद आकर उनसे माफी मांगते थे और पूछते थे कि कहीं उन्हें चोट तो नहीं लगी. क्या उन्हें रीटेक करना है. इस किस्से को साझा करते हुए कृष्णा ने कहा कि हिंदी सिनेमा में तो कलाकारों की इतनी पूछ नहीं है जबकि विदेशों में हर व्यक्ति चाहे वो स्वीपर हो या फिर रिसेप्शनिस्ट हर कोई अपना काम सीना तान के करता है. बाहर के देशों में लोग आपके कपड़ों या आपके पहनावे को देखकर आपको जज नहीं करते. वे हर काम और हर कलाकार की इज्जत करते हैं.
Bulbbul Review: दर्द, दहशत, खूनी खेल के बीच महिला सशक्तिकरण का संदेश देती है बुलबुल
धीरे-धीरे नेपोटिज्म वाली परंपरा खत्म हो रही है
वैसे तो कृष्णा को किसी छोटे शहर का लड़का कहना सही नहीं होगा, पर वे फिल्मी बैकग्राउंड के नहीं हैं, ये जरूर कहा जा सकता है. तो जब हमने कृष्णा से नेपोटिज्म पर अपनी राय रखने को कहा तो एक्टर ने ये कहा. कृष्णा के मुताबिक 'नेपोटिज्म हर जगह है. ये जाहिर सी बात है कि लोग पहले अपने बच्चे को मौका देंगे और फिर अगर बात नहीं बनी तब दूसरे को एक चांस देते हैं. तो हां नेपोटिज्म बिल्कुल है. लेकिन अब इंडस्ट्री में धीरे-धीरे यह परंपरा टूटती नजर आ रही है. अब पंकज त्रिपाठी, नवाजुद्दीन सिद्दीकी जैसे एक्टर्स जो छोटे शहर के और बिना फिल्म बैकग्राउंड के हैं, वे लोगों में पहचान बना रहे हैं. और ये स्टार किड वाली सोच अब खत्म होती जा रही है.'
15 सालों से मुंबई में रह रहे कृष्णा आज भी मेहनत कर रहे हैं. पर अब उनकी ये गाड़ी तेज गति पकड़ती जा रही है. पुराने दिनों को याद करते हुए कृष्णा ने बताया- 'शुरुआती दिनों में बहुत स्ट्रगल करना पड़ा. काम मांगना पड़ता था, अपने टैलेंट को दिखाने के लिए क्या क्या नहीं करना पड़ता है. एक साल तो बिना काम के भी रहना पड़ा है. पर फिर एक्टर्स की जिंदगी में उतार-चढ़ाव तो लगे रहते हैं. इसी से सीख मिलती है. आज मेरे पास काम भी है और संतोषजनक पैसा भी. मैं अपने विल पावर को नहीं छोडूंगा और ना ही किसी के लिए अपने आपको बदल सकता हूं.'
संजय दत्त की सड़क 2 OTT पर होगी रिलीज, मुकेश भट्ट बोले- कोई और ऑप्शन नहीं बचा
जल्द आएगा रक्तांचल 2
रक्तांचल जैसी हिट सीरीज देने के बाद कृष्णा सिंह बिष्ट को भी लोग पहचानने लगे हैं. अपने अगले प्रोजेक्ट के बारे में बताते हुए कृष्णा ने कहा कि फिलहाल उनके पास रक्तांचल 2 है. यह लॉकडाउन के कारण अटकी हुई है. इसे भी बनारस में ही शूट किया जाएगा. उम्मीद है जुलाई-अगस्त के बाद इसकी शूटिंग शुरू हो जाएगी. तो इतना तो तय है कि रक्तांचल देखने के बाद सीरीज के फैन्स एक बार फिर शो की कास्ट को दोबारा नए सीजन में देख पाएंगे.