
कांग्रेस के विधायक नाना पटोले महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष चुन लिए गए हैं. इससे पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवार किशन कठोरे ने रविवार को स्पीकर पद से अपना नामांकन वापस ले लिया. इसके बाद स्पीकर पद का चुनाव टल गया और नाना पटोले के निर्विरोध स्पीकर चुने जाने का रास्ता साफ हो गया. नाना पटोले ने विधानसभा स्पीकर का पदभार भी संभाल लिया है.
प्रोटेम स्पीकर दिलीप वलसे पाटिल ने इसका ऐलान करते हुए कहा कि नाना पटोले निर्विरोध स्पीकर चुने गए हैं. पाटिल ने कहा कि पटोले से आग्रह किया जाता है कि वे अपना आसन ग्रहण करें. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पटोले को स्पीकर के आसन तक ले गए. उनके साथ अन्य नेता भी थे. बाद में चर्चा शुरू होने पर उद्धव ठाकने ने कहा, नाना पटोले एक किसान परिवार से आते हैं, इसलिए उम्मीद है कि वे सबको इंसाफ दिलाने का काम करेंगे.
विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि विधानसभा स्पीकर पद के लिए हमारी पार्टी ने किशन कठोरे का नाम प्रस्तावित किया था. लेकिन सर्वदलीय बैठक और अन्य पार्टियों के आग्रह के बाद हमने फैसला किया कि इस पद का चुनाव निर्विरोध होना चाहिए. इसलिए सबकी सहमति से हमने अपने उम्मीदवार का नाम वापस ले लिया.
ऐसे हुआ निर्विरोध चयन
राज्य के बीजेपी प्रमुख चंद्रकांत पाटिल के अनुसार, ऐसा विपक्षी भारतीय जनता पार्टी की ओर से रविवार को अपने उम्मीदवार किशन कठोरे का नाम वापस लेने की वजह से हुआ. पटोले, सत्तारूढ़ शिवसेना-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-कांग्रेस महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के उम्मीदवार हैं. एमवीए ने शनिवार अपरान्ह विधानसभा में विश्वास मत जीता था. महाराष्ट्र विधानसभा का दो दिवसीय सत्र रविवार से शुरू हो रहा है.(एजेंसी से इनपुट)