
संसद के मॉनसून सत्र से पहले कांग्रेस ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर विफल रही है ऐसे में कांग्रेस पार्टी अन्य दलों से बात कर मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी. खड़गे ने उन मुद्दों के बारे में भी बताया जिनपर पार्टी सरकार को घेरने की कोशिश करेगी.
खड़गे ने कहा कि कांग्रेस सदन को चलाने में सरकार का समर्थन करेगी और पार्टी के उम्मीद हैं कि हमें जनहित के मुद्दे सदन में उठाने का मौका भी मिलेगा. विपक्ष की ओर से गतिरोध के आरोप पर खड़गे ने कहा कि विपक्ष सदन नहीं चलने दे रहा, यह बात गलत है बल्कि सरकार के पास जिन सवालों को जवाब सरकार के पास नहीं होता उनपर सदन नहीं चल पाता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक पर खड़गे ने कहा कि हमने सरकार से भी अपील की है कि विपक्ष को सदन में मुद्दे उठाने का मौका मिलना चाहिए, साथ ही अन्य विपक्षी दलों ने भी इसका समर्थन किया है.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष खड़गे ने कहा कि हमने लिंचिंग, रोजगार, महिला सुरक्षा, जम्मू कश्मीर, SC/ST एक्ट और संस्थाओं की स्वायत्तता से जुड़े मुद्दों को मॉनसून सत्र में उठाने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि सरकार के मंत्री लिंचिंग के आरोपियों का सम्मान करते हैं इस पर सरकार को संसद में जवाब देना चाहिए.
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नहीं बल्कि सत्ताधारी दल संसद नहीं चलने दे चाहता है. उन्होंने कहा देश के 95 फीसद धंधे बंद होने की कगार पर हैं सिर्फ कुछ ही धंधे ने जो सरकार की मदद से फलफूल रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी के आरोप पर आजाद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने कभी धर्म के आधार पर वोट नहीं लिए, हम काम के आधार पर चुनाव जीतते आए हैं और हार भी हैं.
महिला आरक्षण बिल पर राहुल गांधी की पीएम मोदी की चिट्ठी पर गुलाब नबी आजाद ने कहा कि हम राज्यसभा से इस बिल को पारित कर चुके हैं और अब लोकसभा में बीजेपी का बहुमत है जहां यह बिल अटका पड़ा है, लेकिन यह लोग इसे पारित नहीं करना चाहते हैं.