
कांग्रेस सांसद और कार्यकारी अध्यक्ष रेवंत रेड्डी ने इस मुद्दे पर NGT में शिकायत की थी. NGT ने इस संबंध में राज्य मंत्री केटीआर के अलावा तेलंगाना सरकार, पीसीबी, एचएमडीए को भी नोटिस जारी किया है.
NGT ने केंद्रीय पर्यावरण रजिस्ट्री क्षेत्रीय कार्यालय की अगुवाई में एक फैक्ट फाइंडिंग कमिटी का गठन किया है जिसमें तेलंगाना पीसीबी, GHMC, जल कार्य, HMDA और रंगारेड्डी कलेक्टर भी शामिल होंगे. कमिटी से 2 महीने में अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है.
झील के पास निर्माण का आरोप
साथ ही एनजीटी ने यह भी कहा है कि केटीआर फॉर्म हाउस कमिटी को साथ में इसकी भी जांच करनी चाहिए कि 2018 में एनजीटी फैसले में सरकारी आदेश केस 111 का पालन हुआ है या नहीं.
इससे पहले कांग्रेस ने केटीआर पर झील के पास फॉर्म हाउस बनाने के लिए एक नाले को भी अपने कब्जे में लेने का आरोप लगाया था.
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कांग्रेस नेता रेवंत रेड्डी ने यह भी आरोप लगाया था कि 1 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में बनाए गए तीन मंजिला फॉर्म हाउस पर्यावरण से जुड़े नियमों का उल्लंघन भी है.
मंत्री पद से हटाया जाएं
रेड्डी को मार्च में उक्त फॉर्म हाउस के ऊपर ड्रोन उड़ाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था, जब वह अन्य नेताओं के साथ फॉर्म हाउस में अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन को उजागर करने के लिए फॉर्म हाउस का दौरा करना चाहते थे.
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कांग्रेस सांसद रेड्डी को 5 मार्च को गिरफ्तार किया गया था और 14 दिन जेल में गुजारने के बाद 18 मार्च को जमानत पर रिहा कर दिया गया था. अब रेड्डी की नई मांग है कि केटीआर को नगर निगम मंत्री के पद से हटाया जाए क्योंकि उनके कुर्सी पर बने रहने से जांच पर असर पड़ सकता है.