
शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन से पहले उससे जुड़ी एक तैयारी बैठक में शामिल होने के लिये रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण चीन पहुंच गई हैं. यहां उन्होंने चीन के कई नेताओं से मुलाकात की.
SCO देशों के रक्षामंत्रियों की हुई बैठक में हिस्सा लेते हुए निर्मला ने कहा कि अब शक्ति का विकेंद्रीकरण हो रहा है. एशिया में नए पावर हाउस बन रहे हैं. एससीओ ग्रुप के सदस्य होने के नाते हम सभी को आगे बढ़ना चाहिए. हमारा लक्ष्य शांति स्थापित करने पर होना चाहिए.
निर्मला ने कहा कि हमारे आस-पास के देशों के लिए क्रॉस बॉर्डर आतंकवाद, साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दे बड़े हैं. इन सभी मुद्दों को आपस मिल बैठकर सुलझाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि राजनीतिक सुविधा के लिए ऐसे लोगों का समर्थन करना जो आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े हैं ऐसा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि अच्छा आतंकवाद और बुरा आतंकवाद जैसा कुछ नहीं है.
आपको बता दें कि निर्मला के अलावा विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी चीन दौरे पर हैं. इस दौरान सुषमा स्वराज ने यहां पर SCO देशों के सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व किया. आज यहां होने वाले विदेश मंत्रियों के संबोधन में सुषमा स्वराज का संबोधित भी किया. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने चीन में एससीओ विदेश मंत्रियों की बैठक में कहा कि आतंकवाद जीवन, शांति और समृद्धि जैसे मूल मानवाधिकारों का दुश्मन है.
सुषमा स्वराज ने कहा कि संरक्षणवाद के सभी रूपों को खारिज किया जाना चाहिए. सुषमा ने यहां कहा कि आतंकवाद सबसे बड़ा मुद्दा है और सभी देशों को आतंकवाद के खिलाफ लड़ना चाहिए.
गौरतलब है कि सुषमा ने इस दौरे पर अपने चीनी समकक्ष वांग यी से मुलाकात की. दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों पर और रिश्तों में सुधार के लिए उच्च स्तरीय संवाद की गति को तेज करने पर चर्चा की. साझा कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27-28 अप्रैल को चीन दौरे पर रहेंगे. इस दौरान पीएम मोदी की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात होगी.