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बच्ची से रेप के बाद गुजरात में उत्तर भारतीयों पर बढ़े हमले, यूपी-बिहार के लोग करने लगे पलायन

साबरकांठा में 14 महीने की बच्ची से रेप के बाद गैरगुजराती प्रदेश से बड़ी तादाद में पलायन कर रहे हैं. वहीं पुलिस के मुताबिक लोगों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.

अहमदाबाद के मेधानीनगर बस स्टैंड पर परिवार के साथ पलायन कर रहे लोग अहमदाबाद के मेधानीनगर बस स्टैंड पर परिवार के साथ पलायन कर रहे लोग
राहुल झारिया/गोपी घांघर
  • अहमदाबाद,
  • 07 अक्टूबर 2018,
  • अपडेटेड 8:09 AM IST

गुजरात के साबरकांठा में 14 महीने की बच्ची से बलात्कार की घटना के बाद माहौल बिगड़ चुका है. घटना के बाद यहां यूपी-बिहार और मध्य प्रदेश के लोगों पर हमले के मामले बढ़ गए हैं. अ‍ब दूसरे राज्यों से आए ये लोग बड़ी तादाद में अपने परिवार के साथ गुजरात से पलायन कर रहे हैं. इनमें ज्यादातर लोग साबरकांठा, महेसाना, अरवल्ली, गांधीनगर, सुरेन्द्रनगर इलाके से हैं.

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दरअसल गुजरात के साबरकांठा में 14 महीने की बच्ची के साथ बलात्कार के आरोप में पुलिस ने एक बिहार के रहने वाले शख्स को गिरफ्तार किया है. घटना के विरोध में लोग गुस्से में हैं. इस घटना के बाद यूपी-बिहार के लोगों पर हमले बढ़ गए हैं.

वहीं, ठाकोर सेना के लोगों ने इस गांव के आसपास के गांव में रहने वाले लोगों को जान से मारने कि धमकी देते हुए तोड़फोड़ और आगजनी की वारदात को अंजाम दे दिया.

मध्यप्रदेश के भिंड के रहने वाले राजूभाई अपने पूरे परिवार के साथ पिछले 10 साल से गुजरात के कड़ी में रह रहे हैं. वे पानीपुरी बेचकर अपने परिवार का गुजारा चलाते हैं.

राजूभाई के मुताबिक, दो दिन पहले अचानक यहां पर कुछ लोग आए और उन्हें जान से मारने कि धमकी देते हुए उनकी पानीपुरी की लॉरी को तोड़फोड़ दिया. यही नहीं, उन्हें धमकी दी गई कि परिवार के साथ यहां से निकल जाओ वरना जिंदा नहीं रह पाओगे.

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राजूभाई कि पत्नी कमला देवी का कहना है कि जो गुनहगार हैं उन्हें सजा मिलनी चाहिए. हम लोगों को क्यों परेशान किया जा रहा है. हमारी दो बेटि‍यां हैं. अब सब कुछ छोड़कर हमें यहां से अपने गांव जाना पड़ रहा है.

राजूभाई अकेले ही नहीं हैं. बल्कि अहमदाबाद के मेधानीनगर से रोजाना गैरगुजराती 80 से 90 बसें भरकर पलायन कर रहे हैं. गैर गुजरातियों पर हमलों के मामले में अहमदाबाद भी अछूता नहीं है. अहमदाबाद में रिक्शा चलाने वाले पर हमला कर उसकी रिक्शा को नुकसान पहुंचाया गया.

रिक्शा चालक मलखान के मुताबिक, वह देर शाम सिविल अस्पताल से आ रहा था, तब कुड लोगों ने उनसे पूछा कि क्या तुम उत्तर-भारतीय हो? सवाल का जवाब देने से पहले ही उनके रिक्शे में तोड़फोड़ की गई और जान से मारने की धमकी दी गई.

पूरे गुजरात में गैरगुजरातियों पर हमले के अब तक 19 मामले दर्ज हो चुके हैं. जबकि 150 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. वहीं घटना के बाद पुलिस पर भी सवाल खड़े हो रहे है. पुलिस लोगों को  बार-बार भरासा दिला रही है कि वे किसी से न डरें और पलायन न करें, लेकिन लोगों में डर कायम है.

गुजरात पुलिस महानिर्देशक शिवानंद झा का कहना है कि सोशल मीडिया पर गैरगुजरातियों खासकर बिहार और उत्तरप्रदेश के लोगों के खिलाफ नफरत भरे संदेश प्रसारित होने के बाद ये हमले हुए हैं.

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पुलिस के मुताबिक, इस तरह के सोशल मीडिया मैसेज को रोकने साइबर सेल नजर रख रही है. साथ ही एहतियातन अहमदाबाद में 2500 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं.

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