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परवान चढ़ा इस वैलेंटाइन्स डे पर बिहार पुलिस के जवान और एक कैदी का प्यार

ये कहानी करीब डेढ़ साल पहले शुरू होती है, जब बिहार पुलिस के इनामुल हौदा की पोस्टिंग कटिहार जेल में होती है और वहां उसकी मुलाकात अपहरण के मामले में जेल में बंद कैदी सरीफुल खातून से होती है.

इनामुल हौदा और सरीफुल खातून इनामुल हौदा और सरीफुल खातून
सुजीत झा/सुरभि गुप्ता
  • पटना,
  • 14 फरवरी 2017,
  • अपडेटेड 9:19 PM IST

प्यार की कोई उम्र नहीं होती. ये एक बार फिर आज वैलेंटाइन्स डे के मौके पर साबित हुआ. कटिहार जेल से एक अजब प्रेम की गजब कहानी सामने आई है. यह कहानी है जेल में बंद एक महिला कैदी और उसी जेल में तैनात एक बिहार पुलिस के जवान की. ये कहानी करीब डेढ़ साल पहले शुरू होती है, जब बिहार पुलिस के इनामुल हौदा की पोस्टिंग कटिहार जेल में होती है और वहां उसकी मुलाकात अपहरण के मामले में जेल में बंद कैदी सरीफुल खातून से होती है.

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जेल से बाहर निकल रचाई शादी
जेल में तैनात बिहार पुलिस के इनामुल हौदा को जेल में बंद सरीफुल खातून से मोहब्बत हो गई. हालांकि इनामुल हौदा पहले से शादीशुदा हैं और सरीफुल खातून से उम्र में भी काफी बड़ा है, लेकिन उसने इस्लाम धर्म के आधार पर बेल मिलने के बाद जेल से बाहर आई अपनी प्रेमिका से शादी रचा ली है. हालांकि इनामुल हौदा का कहना है की उसने ऐसा अपने परिवार और पहली पत्नी की इजाजत के बाद किया है. उसने अपनी इस शादी की बात को जायज ठहराते हुए अपने प्यार की दुहाई दी है.

प्यार उम्र का मोहताज नहीं
इस वैलेंटाइन्स वह अपनी प्रेमिका सह पत्नी सरीफुल खातून को प्रेम प्रतीक गुलाब का फूल देते हुए कहता है कि प्यार किसी जाति, मजहब और उम्र का मोहताज नहीं होता है. यह कभी भी किसी भी उम्र में हो सकता है. इसी के जवाब में उसकी दूसरी पत्नी कहती है कि मेरे लिए इनामुल से अच्छा शौहर कोई हो ही नहीं सकता था. अल्लाह ऐसा शौहर हर बीवी को दे.

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